
चंडीगढ़, 2 मार्च 2026
मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के एक साल पूरे होने पर, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब नशों के खिलाफ एक ऐसी योजनाबद्ध और बहु-आयामी लड़ाई लड़ रहा है, जिसकी मिसाल दुनिया में कहीं और नहीं मिलती। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने इस अभियान को ऐतिहासिक और जन-आंदोलन बताते हुए कहा कि इसने नशों के खिलाफ संघर्ष को एक संगठित और परिणाम-मुखी मिशन में बदल दिया है।
बलतेज पन्नू ने कहा कि नशाखोरी एक वैश्विक खतरा है। हम मैक्सिको और कनाडा जैसे देशों में हालात देख रहे हैं और भारत के अन्य राज्यों में भी बड़ी बरामदगियों की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन किसी भी राज्य या देश ने इस चुनौती का सामना पंजाब की तरह योजनाबद्ध तरीके से नहीं किया है।
पिछले एक साल के आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इस अवधि में 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 गिरफ्तारियां हुईं। इसके साथ ही 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। प्रमुख बरामदगी में 2,276.98 किलोग्राम हेरोइन, 29,299 किलोग्राम भुक्की, 686 किलोग्राम अफीम, 807.96 किलोग्राम गांजा, 36.47 किलोग्राम आइस, 68 किलोग्राम चरस और 4.46 किलोग्राम कोकीन, साथ ही 50 हजार गोलियां/कैप्सूल और 1,985 इंजेक्शन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी बरामदगी देश में सबसे अधिक है।
उन्होंने बताया कि यह मुहिम लंबी तैयारी के बाद इस समझ के साथ शुरू की गई थी कि लोगों से सीधे जुड़ी कोई भी लड़ाई जनभागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकती। नशा मुक्ति मोर्चा के तहत पंजाब को पांच ज़ोन—दोआबा, माझा, मालवा पूर्वी, मालवा पश्चिमी और मालवा केंद्रीय—में बांटा गया। इसके बाद जिला और हलका स्तर तक ढांचे तैयार किए गए। पूरे पंजाब में विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गईं और मोगा के पास किल्ली चाहल में हुए बड़े जनसमूह में लाखों लोगों ने भाग लिया।
जवाबदेही प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए पन्नू ने कहा कि ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों को नशा तस्करों की सीधी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय तक पहुंचाने के लिए एक सुरक्षित ऐप दिया गया है, जिस पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई अनिवार्य है। अब तक 2,000 से अधिक शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि नशा छुड़ाओ केंद्रों के ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले ये केंद्र जेल जैसी सुविधाओं की तरह थे, लेकिन अब इन्हें साफ-सुथरा और सहयोगात्मक बनाया गया है। प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, फास्ट फूड और अन्य व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षण शुरू किया गया है। आईटीआई प्रशिक्षक और निजी कंपनियां पुनर्वास और रोजगार में सहयोग कर रही हैं, ताकि नशा छोड़ने वाले लोग सम्मान के साथ समाज में दोबारा शामिल हो सकें।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2007-2017 की अकाली-भाजपा सरकार ने नशा माफिया को पनपने दिया और 2017-2022 की कांग्रेस सरकार भी बड़े वादों के बावजूद इस गठजोड़ को तोड़ने में विफल रही। इसके उलट, मान सरकार ने नशा माफिया के खिलाफ निर्णायक और लगातार कार्रवाई करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई है।
उन्होंने दावा किया कि सप्लाई लाइनों को काफी हद तक तोड़ दिया गया है और कई तस्कर पंजाब छोड़कर भाग गए हैं। मीडिया को बंद पड़े घरों के वीडियो दिखाए गए हैं, जो सख्त पुलिसिंग का प्रमाण हैं। उन्होंने दोहराया कि यह कार्रवाई कमजोर नहीं पड़ेगी।
अंत में बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब को 20 साल से अधिक समय तक अंधेरे में धकेला गया, लेकिन यह लड़ाई सिर्फ आज की नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा, “हम रंगला पंजाब बनाएंगे और इसे ‘उड़ता पंजाब’ नहीं रहने देंगे।”









