
मलेरकोटला, 21 मार्च:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मलेरकोटला पहुंचकर लोगों के साथ ईद मनाई। ईदगाह में पवित्र अवसर पर संबोधित करते हुए उन्होंने ऐतिहासिक शहर के लिए 375 करोड़ रुपये के विकास फंड का ऐलान किया। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में बड़े फैसलों के साथ उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब किसी भी ताकत को भाईचारे की सांझ को तोड़ने की इजाजत नहीं देगा।
लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ईद-उल-फितर एक-दूसरे की भलाई की कामना करने का त्योहार है और मलेरकोटला की इस पवित्र ईदगाह में आकर मुझे बेहद सुकून और खुशी मिली है। यह ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की जीवंत तस्वीर पेश करता है, जहां हम एक साथ बैठकर एक-दूसरे की खुशहाली की दुआ करते हैं।” उन्होंने प्रबंधक कमेटी और आसपास के गांवों से आए लोगों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि मलेरकोटला एक ऐतिहासिक धरती है, जहां से दसवें गुरु के छोटे साहिबजादों के हक में आवाज उठाई गई थी, जो आज भी दुनिया भर में गूंज रही है। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यहां एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। लगभग 38.5 एकड़ डिफेंस भूमि सरकार को ट्रांसफर की जा चुकी है और करीब 563 करोड़ रुपये की लागत से 100 एमबीबीएस सीटों वाला मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही लगभग 8.5 एकड़ में 150 बिस्तरों वाला ईएसआई अस्पताल भी बनाया जा रहा है, क्योंकि खन्ना और लुधियाना के बीच ऐसा अस्पताल उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां भी मेडिकल कॉलेज बनता है, वहां नर्सिंग कॉलेज और 200 बिस्तरों वाला अस्पताल भी अनिवार्य होता है, इसलिए इन्हें भी साथ विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, लड़कियों के स्कूल के लिए पांच मंजिला इमारत तैयार की गई है, जिसका उद्घाटन अगले 15–20 दिनों में होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि बच्चे डॉक्टर बनकर ऊंचाइयों तक पहुंच सकें। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022 में लोगों ने उनकी सरकार को सेवा का मौका दिया और सरकार ने अपने वादों को पूरा किया है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज के लिए अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा देती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहां नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता। यह भूमि गुरु, संतों और फकीरों की पवित्र धरती है, जहां से हमेशा शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की विविध भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं इसे “अनेकता में एकता” का अनोखा उदाहरण बनाती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसी भी कीमत पर भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों को सफल नहीं होने देगी।
अंत में, उन्होंने मुस्लिम समुदाय को ईद की शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि पंजाब में सदियों से चली आ रही भाईचारे, शांति और एकता की परंपरा आगे भी जारी रहेगी।









