
चंडीगढ़, 21 मार्च:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला के तहत ‘आप’ सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसका उद्देश्य चार वर्षों के शासन का स्पष्ट और क्षेत्रवार लेखा-जोखा लोगों के सामने रखना है। उन्होंने कहा कि पंजाब की कानून व्यवस्था में सुधार अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है, जो नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई, पुलिस सुधारों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत निर्णायक कार्रवाई करते हुए 95,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 772 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से अधिक गिरोहों का पर्दाफाश किया गया। इसके अलावा एंटी-ड्रोन प्रणाली जैसे उपायों ने सीमा पार तस्करी को रोकने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “राज्य सरकार ने नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और कानून तोड़ने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी, बल्कि उन्हें सख्त सजा दी जाएगी।” मार्च 2022 से अब तक 95,881 नशा तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 71,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
कार्रवाई का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 10,085 बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ 6,109 बड़ी/व्यावसायिक खेपें जब्त की गईं। विशेष अभियान के तहत 5,625 किलोग्राम हेरोइन, 3,461 किलोग्राम अफीम, 1,628 क्विंटल भुक्की और 4.96 करोड़ नशीली गोलियां, कैप्सूल और सिरप बरामद किए गए। साथ ही 54.47 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई और 3,440 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। 1,556 तस्करों से 772 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई।
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई पर उन्होंने बताया कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के गठन के बाद 2,858 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया, 35 को निष्क्रिय किया गया और 1,105 गिरोहों का पर्दाफाश हुआ। 2,267 हथियार और 655 वाहन बरामद किए गए हैं। 6 अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक 38 सनसनीखेज मामलों को सुलझाया गया।
सीमा सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगभग 560 किलोमीटर लंबी सीमा है और इसे सुरक्षित रखने के लिए राज्य में एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया गया है। अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए, 1,472 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया और 341 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं।
पुलिस सुधारों के तहत मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में 12,197 भर्तियां की गईं, जिनमें 1,062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल और 10,285 कांस्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा 2025 और 2026 के लिए नई भर्तियां प्रक्रिया में हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 327.69 करोड़ रुपये की लागत से 2,904 वाहन खरीदे गए हैं। जनवरी 2024 में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स, जो 5,500 किलोमीटर से अधिक हाईवे को कवर करती है, के कारण सड़क हादसों में मृत्यु दर में 48% की कमी आई है। फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक इस फोर्स ने 43,983 हादसों में 47,386 लोगों की मदद की और हजारों घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
तकनीकी उन्नयन के तहत मोहाली (एसएएस नगर) और जालंधर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं, जिन्हें जल्द ही लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस देश की एक प्रमुख फोर्स है, जो राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विदेशों में बैठे गैंगस्टरों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ा रही है और जरूरत पड़ने पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित और शांत राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है और राज्य में बढ़ता औद्योगिक निवेश इसका प्रमाण है। हाल ही में एक बड़े स्टील प्लांट द्वारा 3,200 करोड़ रुपये का निवेश इसका उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि कई वैश्विक कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं।
अंत में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले नशे और अपराध को बढ़ावा दिया, वे अब इसे खत्म करने के दावे कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई जनता के सामने है।
इस मौके पर पुलिस महानिदेशक गौरव यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।









