
महाल कलां, 11 मई: जिले में गेहूं की पराली को आग लगाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के लिए Harpreet Singh ने पुलिस और सिविल प्रशासन की टीमों को अधिक सतर्क रहने तथा गांवों में गश्त तेज करने के निर्देश दिए हैं।
डीसी के निर्देशों पर अमल करते हुए सभी सब-डिवीजनों में एसडीएम और डीएसपी की निगरानी में गांवों में चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि आग लगाने की घटनाओं को रोका जा सके।
इसी क्रम में Kritika Goyal ने गांव चूहानके कलां का दौरा किया। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी खेत में फसल अवशेषों को आग लगाने की घटना उनके ध्यान में आती है तो तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दें।
उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए इलाके में फायर ब्रिगेड की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। जैसे ही किसी खेत में आग लगने की सूचना मिलती है, फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा रही हैं ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान और पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पैदा होने वाला प्रदूषण बच्चों और बुजुर्गों की सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। इसके अलावा सड़क पर चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को भी धुएं के कारण खतरा उठाना पड़ता है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसडीएम ने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने की बजाय पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन अपनाएं।









