लेखपाल ने लिया डेढ़ लाख घुस काम भी नही किया दे डाली जिंदगी बर्बाद कर देने धमकी
लेखपाल ने लिया डेढ़ लाख घुस काम भी नही किया दे डाली जिंदगी बर्बाद कर देने धमकी
लेखपाल ने लिया डेढ़ लाख घुस काम भी नही किया दे डाली जिंदगी बर्बाद कर देने धमकी
वृंदावन जखनिया गाजीपुर पैमाइश के नाम पर क्या होता है खेल आइए जानते हैं।
बताया जाता है कि तहसील जखनिया जिला गाजीपुर ग्राम वृंदावन के रहने वाले देव शरन यादव ने चक की पैमाइश कराने के लिए लेखपाल से संपर्क किया। लेखपाल निखिल जैन ने पैमाइस और विभिन्न मद के नाम पर डेढ़ लाख रुपया घूस ले लिया । और काम भी नहीं किया ।घूस मांगने अधिकारियों को देने और विभिन्न मदों के नाम पर खर्च करने की लेखपाल निखिल जैन की वीडियो वायरल हो गई ।
सूत्रों द्वारा बताया गया कि देव शरण यादव अपने जमीन खेत की पैमाईश कराने के लिए लेखपाल ,तहसीलदार के यहाँ दौड़ते -दौड़ते परेशान हो गया।
लेखपाल निखिल जैन द्वारा रिश्वत मांगी गई और डेढ़ लाख रूपये ले भी लिया गया।और काम भी नही किया गया।
काम ना होने पर थक हार कर घुस लेने के बावत् देवशरन यादव ने एक वीडियो एसएचओ बहरियाबाद व एसपी गाज़ीपुर का दिखाते हुए निखिल जैन के खिलाफ एफ .आई .आर .दर्ज कराने की मिन्नतें भी की गयी।फीर भी घुसखोरों का दिल नहीं पसीजा। लेखपाल और संबंधित अधिकारियों ने देव शरण यादव को विभिन्न प्रकार के मुकदमे में फँसाकर जिंदगी बर्बाद कर देने की नाना प्रकार की धमकियां देने लगे।
बताते चलें देव शरन यादव ने अधिकारियों के चक्कर लगाते- लगाते थक हार कर न्याय की गुहार में लेखपाल के विरुद्ध एफ.आइ .आर. कराने व अपने दिए हुए पैसे को लौटाने के लिए मांगते- मांगते दौडते-दौड़ते थक हार कर क्षुब्ध होकर हाईकोर्ट प्रयागराज की शरण ली है।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिविल कम्टेम्प्ट No. 3435/2023 में एस.पी. गाजीपुर व एसएचओ बहरियाबाद से जबाब मांगा क्यों रिश्वतखोर अधिकारियों को बचाया जा रहा है ।
इस प्रकरण में लेखपाल और संबंधित राजस्व अधिकारी अपने को फँसते हुए देख देवशरन यादव पर दबाव बनाने लगे कि इस मामले को आगे ना बढ़ाए जाए। अगर तुम इस मामले को आगे बढ़ाते हो तुम्हारे खिलाफ हम लोग फर्जी एफ. आई. आर. दर्ज करा देंगे ।अन्यथा हमारी बात मानो ।मामले को जो उच्च न्यायालय इलाहाबाद में सिविल कमटेप्ट नंम्बर 3435/2023 दाखिल किया है।तत्काल उसको वापस ले लो नहीं तो तुम अधिकारियों से लड़ नहीं पाओगे। ना हीं कोई एक्शन ले पाएगा। हम अधिकारी लोग जिले को चलाते हैं ।जो पैसा लिया गया उसको भूल जाओ। जो दिया है तुम भूल जाओ ।ज्यादा हाईकोर्ट के चक्कर में रहोगे तो हम लोग तुमको बर्बाद कर देंगे ।इस तरह की धमकी अधिकारियों द्वारा दी जा रही है ।
पीड़ित देवसरन यादव और देवसरन यादव के परिवार का कहना है कि यदि देवशरन यादव की किसी तरह से हत्या हो जाती है।या देवशरन यादव सुसाइट कर लेता है।तो इसके जिम्मेदार इस प्रकरण में सम्मिलित अधिकारी गण ही होंगे।
इस प़करण को लेकर सदर एस. डी.एम. गाजीपुर ने देवशरन यादव से दिनांक२४.५.२०२३को
एक बयान भी दर्ज किया जिसमें लीपापोती का भी प्रयास किया गया।
प्रार्थी देवशरन को अधिकारियों द्वारा इतना डरा धमका दिया गया है व डरा और सहमा हुआ है।अब देखना यह है कि क्या देवशरन यादव को न्याय मिलता है।या जांच कर आख्या दे द्वारा मामला लीपापोती कर दी जाती है ।क्या भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती है । माननीय उच्च न्यायालय तय करेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट जी.पी. गुप्ता









