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निषाद समाज के स्वजातीय बंधुओं को समाज हित में संदेश -युवा समाज सेवी नारायण साहनी

निषाद समाज के स्वजातीय बंधुओं को समाज हित में संदेश -युवा समाज सेवी नारायण साहनी

निषाद समाज के स्वजातीय बंधुओं को समाज हित में संदेश -युवा समाज सेवी नारायण साहनी

गुजरात सम्मानित भाईयों बहिनों जैसा कि आप समझते हैं कि निषाद पार्टी के मुखिया जब तक सत्ता में नहीं थे ।
तब तक अपने रैलियों में समाज को आरक्षण दिलाने, पुश्तैनी पेशा बालू,मोरंग खनन, नौकरी, और सरकार बनाने की बात करते थे। अब जबकि अपने दो बेटों को भाजपा के सिम्बल पर एक को सांसद दूसरे को विधायक और स्वयं अपने भी भाजपा के ही सिम्बल पर कैबिनेट मंत्री बने हुए हैं। और मजे की बात यह है कि तीसरे बेटे और बहू को आगामी लोकसभा चुनाव में उतारने की पूरी रणनीति तैयार हों रही है। यह सब तो ठीक है होना भी चाहिए ।लेकिन जिस समाज के बल पर आज डाक्टर साहब और उनका परिवार राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्र में विकास की ऊंचाईयों पर चढ़ते जा रहे हैं। उस समाज को कितना फायदा पहुंचा पा रहे हैं ।यह गंभीर चिंतन और मनन करने का विषय है ।ऐसे में निषाद समाज सिर्फ एक मात्र मतदान और आर्थिक दान का हिस्सा बन कर रह गया है। ऐसे में समाज को कुछ नहीं मिलने वाला है। वैसे भी डॉ संजय निषाद जी के पूर्व सहयोगी एवं छोड़ चुके निषाद पार्टी के पदाधिकारी कहते हैं कि संजय निषाद का कोई भी ऐसा नहीं जिसको ठगा नहीं।तो मित्रों मेरी बात शायद कुछ भाईयों को अच्छी नहीं लगती होगी, लेकिन सच्चाई यही है। क्योंकि जब आप निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज हित में गंभीरता पूर्वक विचार करेंगे तो आप भी यही कहेंगे और ऐसे परिवार वाद स्वार्थी नेताओं से नफ़रत करने लगेंगे।
आइए आप भी एक जागरूक नागरिक की तरह अपने महामना से सवाल करिए कि समाज को आरक्षण दिलाने और पुश्तैनी पेशा, नौकरी कब तक? समाज का भला पार्क,पर्यटक स्थल और नदियों में मछली छोड़ने से नहीं होने वाला है। सिर्फ एक सुत्रीय मांग सिर्फ आरक्षण ,सिर्फ आरक्षण, सिर्फ आरक्षण, यही मल्लाह समाज की मांग है।

रिपोर्ट संतोष नागर

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