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Botany : प्रकृति से नजदीक रहकर बॉटनी में बनाएं करियर, ऐसे करें शुरुआत

नस्पति विज्ञान या बॉटनी, साइंस बायोलॉजी का ही हिस्सा है, जो खास तौर पर पौधों की पढ़ाई, उनकी बनावट, प्रॉपर्टीज और बायोकेमिकल प्रोसेसिस से जुड़ा हुआ है। इस फील्ड में पौधों में आने वाली सभी दिक्कतें समझने और उनसे डील करने के पैतरे भी मौजूद होते हैं। पेड़-पौधों और फूलों जैसी चीजों के बारे में रिसर्च और उनसे जुड़ी सभी समस्याओं को समझकर उनका इलाज करना बॉटनी कहलाता है। बॉटनी से जुड़ी पढ़ाई पौधों की साइंटिफिक स्टडी है, जिसमें पौधों के काम करने का तरीका, पौधों की प्रजातियों को देखकर पहचानने की कला, पौधों में आपस में समानता, उनके सही और गलत उगने की जगह, उन्हें कैसे इस्तमाल किया जाता है और उनके उगने का पूरा प्रोसेस शामिल है। प्रकृति के पास रहने से हमें अकसर बहुत सुकून मिलता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जो लोग पेड़-पौधों, वनस्पतियों से लगाव रखते हैं, वे बेहद सर्जनशील होते हैं। पेड़-पौधों के वैज्ञानिक अध्ययन को वनस्पति शास्त्र कहते हैं। यह हमारी धरती पर मौजूद समस्त वनस्पतियों के अध्ययन का विज्ञान है। वास्तव में पेड़-पौधे आज भी हम मनुष्यों के लिए कई मायनों में गहरे रहस्य और अनुसंधान का विषय है। धरती पर जीवन शुरुआती चरणों में वनस्पतियों के रूप में ही उभरा है। हम देखते हैं कि पेड़-पौधों में मनुष्यों की अपेक्षा कई तरह की अद्भुत क्षमताएं होती हैं, जहां तक करियर का सवाल है वनस्पति शास्त्र में करियर के शानदार अवसर मौजूद हैं।

ऑप्शन

बॉटनी के एक ग्रेजुएट स्टूडेंट के लिए तमाम तरह की अलग-अलग फील्ड में करियर की अपॉर्चुनिटी हो सकती है। एक बायोटेक्नोलॉजी के फील्ड में काम कर रही किसी एक फार्म से लेकर फूड प्रोसेसिंग कंपनी ड्रग एंड फार्मास्यूटिकल फर्म, एनवायरमेंट और इकोलॉजी में काम करने वाले रिसर्च इंस्टीट्यूट आदि ने बीएससी ग्रेजुएट्स के लिए करियर के कई अवसर हो सकते हैं। बीएससी करने के बाद अगर आपने बीएड या टीचिंग की कोई डिग्री या डिप्लोमा कर लिया, तो आपके लिए साइंस टीचिंग में भी अच्छे खासे अवसर मौजूद होते हैं। बॉटनी में मास्टर डिग्री करने के बाद करियर के विकल्प बढ़ सकते हैं। वनस्पति विज्ञान में पीजी करने के बाद आप एक प्लांट बॉयोकेमिस्ट से लेकर जेनेटिक्स में काम कर सकते हैं या फिर किसी रिसर्च फर्म में साइंटिस्ट बन सकते हैं। हॉर्टिकल्चर, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, बॉयोटेक्नॉलाजी के सेक्टर में भी बॉटनी में पोस्ट ग्रेजुएशन या रिसर्च प्रोग्राम्स करने के बाद आप काम कर सकते हैं। एग्रीकल्चर में कंसलटेंट बन सकते हैं। रिसर्च का एक बहुत बड़ा सेक्टर है, जहां बॉटनी की पीजी डिग्री के बाद आप करियर को नई ऊंचाइयों दे सकते हैं। यूरोप, अमरीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया आदि महाद्वीपों में प्लांट साइंसेज में काम करने वाले टॉप रिसर्च इंस्टीट्यूशंस में रिसर्च साइंटिस्ट के बतौर काम करने का अवसर आपको मिल सकता है। अगर आपकी रूचि टीचिंग में है, तो बॉटनी विषय में नेट जेआरएफ और पीएचडी करने के बाद आप दुनिया भर के कालेज और यूनिवर्सिटी में इस विषय का अध्यापन काम भी कर सकते हैं।

सैलरी

बॉटनी के साथ ग्रेजुएशन करने पर आपको आमतौर पर एक साइंटिफिक असिस्टेंट रिसर्च असिस्टेंट या फिर स्कूल टीचर्स आदि जैसा काम मिल सकता है। इस तरह के फील्ड में शुरुआती तौर पर आपको तीन से पांच लाख रुपए की सैलरी औसतन सालाना मिल सकती है। अगर आप बॉटनी में मास्टर्स करने के बाद में जूनियर साइंटिस्ट या रिसर्च फेलो काम करते हैं, तो आपका वेतन 4 से 7 लाख सालाना तक हो सकता है। बॉटनी की रिसर्च आदि डिग्री करने के बाद अनुभव के साथ आपका वेतन और भी बेहतर हो सकता है। जैनेटिक्स और एडवांस साइंसेज के फील्ड में एक बॉटनिस्ट को बहुत ही शानदार सैलरी मिलती है। अच्छी एजुकेशन और स्पेशलाइजेशन वाले स्टूडेंट्स को बॉटनी के फील्ड में देश-विदेश के रिसर्च इंस्टीट्यूट्स में भी लाखों की सैलरी मिलती हैं।

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