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‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने Gurdwara Mastuana Sahib में माथा टेका।

मस्तुआणा साहिब / संगरूर / बरनाला, 8 मई: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज गुरुद्वारा श्री मस्तुआणा साहिब में माथा टेका और पंजाब तथा यहां के लोगों की शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए अरदास की। अपनी ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री ने नागरिकों की भलाई के लिए लगातार कार्य करते रहने हेतु परमात्मा से आशीर्वाद मांगा और ईमानदारी तथा समर्पण भाव से राज्य की सेवा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

इससे पहले ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार ने मस्तुआणा साहिब में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और इस परियोजना के लिए चिन्हित जमीन का निरीक्षण करने हेतु केंद्र सरकार की एक टीम जल्द आने की उम्मीद है।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह विकास क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विश्वस्तरीय संस्था स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज पंजाब में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करेगा और राज्य के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करेगा। यह संस्था ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान बनाएगी।”

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने परियोजना के लिए सभी प्रशासनिक और प्रक्रियागत मंजूरियां पहले ही दे दी हैं और केंद्र की टीम का दौरा आगे की मंजूरियों तथा निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को उनके घरों के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें और विद्यार्थियों को पंजाब में ही उच्च शिक्षा के अच्छे अवसर प्राप्त हों।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक श्रद्धालु सिख के रूप में उन्होंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। उन्होंने कहा कि वे गुरु साहिब के आभारी हैं जिन्होंने उन्हें ‘जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026’ लागू कर मानवता की सेवा करने का अवसर दिया, जो बेअदबी के मामलों में सख्त सजा सुनिश्चित करता है।

मुख्यमंत्री ने इस कानून को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी पंजाब की शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भावना को भंग करने की एक गहरी साजिश का हिस्सा थी। यह कानून सुनिश्चित करेगा कि इस अक्षम्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि अब बेअदबी मामलों में मानसिक बीमारी का बहाना नहीं चलेगा और दोषियों की सहायता करने वालों या उन्हें बचाने वालों को भी उम्रकैद तथा 50 लाख रुपये तक जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं के खिलाफ एक मजबूत निवारक के रूप में कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘शुक्राना यात्रा’ का उद्देश्य गुरु साहिब का धन्यवाद करना है, जिन्होंने उन्हें यह महत्वपूर्ण कानून लागू करने की शक्ति और साहस दिया। उन्होंने स्वयं को गुरु साहिब का विनम्र सेवक बताते हुए कहा कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी थी क्योंकि समाज के सभी वर्ग लंबे समय से ऐसे कानून की मांग कर रहे थे।

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारों ने भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, जबकि मौजूदा सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अब करदाताओं का पैसा विकास कार्यों, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च किया जा रहा है।

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 65,000 से अधिक युवाओं को बिना सिफारिश सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि राज्यभर में सड़कों और बुनियादी ढांचे को उन्नत किया जा रहा है तथा कई टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों की प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।

सिंचाई सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में जब ‘आप’ सरकार सत्ता में आई थी, तब केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए उपयोग हो रहा था, जबकि अब यह आंकड़ा लगभग 68 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और आगामी धान सीजन तक इसे 85 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें और रजवाहे चालू किए गए हैं, जिनके माध्यम से किसानों के लिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मावां धीआं सत्कार योजना’ के तहत पंजाब की प्रत्येक महिला को प्रतिमाह 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से प्रत्येक परिवार 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “आज ‘शुक्राना यात्रा’ के तीसरे दिन मुझे शहीदों और गुरुओं की पावन धरती तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भीषण गर्मी और कार्यदिवस होने के बावजूद लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर जो प्यार और आशीर्वाद दिया, उसके लिए मैं अत्यंत आभारी हूं।”

उन्होंने आगे लिखा, “गुरु साहिब की कृपा से ही हम बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून लागू कर पाए हैं। अब कोई भी दोषी मानसिक असंतुलन का बहाना बनाकर बच नहीं सकेगा और उनके संरक्षणकर्ताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पिछली सरकारों ने पंजाब को लूटा और विभाजनकारी राजनीति की, जबकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरी मानवता को ‘सरबत दा भला’ का संदेश देते हैं।”

पोस्ट के अंत में मुख्यमंत्री ने लिखा, “जिन लोगों ने पंजाबियों के साथ विश्वासघात किया, वे आज मैदान छोड़कर भाग चुके हैं। आपका ‘लोक सेवक’ और आपकी सरकार पंजाब की तरक्की, भाईचारे और गुरु महाराज की मर्यादा की रक्षा के लिए दिन-रात प्रतिबद्ध है।”

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