
अमृतसर, 8 मई 2026 — पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Balbir Singh ने आज Government Girls Senior Secondary School में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए आयोजित क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और शिक्षकों के साथ विस्तार से बातचीत की।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यवहार को सही दिशा देने, उन्हें नशों से दूर रखने और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षक हमारे “नेशन बिल्डर” हैं और पंजाब सरकार को पूरा विश्वास है कि वे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को जन आंदोलन बनाने में बड़ा योगदान देंगे।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा Dr. B. R. Ambedkar Institute of Medical Sciences, Tata Institute of Social Sciences और डिट्सू के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सहयोग से यह फ्लैगशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत पंजाब के 9 जिलों के 1400 प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत बीते दिन अमृतसर से हुई, जहां जिले के 3238 शिक्षकों को 16 दिनों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण Government Girls Senior Secondary School, Saragarhi Memorial School of Eminence और Senior Secondary Residential School for Meritorious Students में आयोजित किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा स्कूल शिक्षकों को विद्यार्थियों में नशों के प्रति जागरूकता फैलाने, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने और युवा पीढ़ी को सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करने की अग्रणी भूमिका सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संवेदनशील शिक्षक ही नशामुक्त और मानसिक रूप से मजबूत पंजाब की नींव रख सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों को Guru Nanak Dev University में Tata Institute of Social Sciences और डिट्सू के विशेषज्ञों द्वारा दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद अब ये प्रशिक्षक स्कूलों में शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश कुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश खन्ना और प्रिंसिपल मैडम जे.के. शिंगारी ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्कूलों में व्यवहारिक विकास और नशों के प्रति जागरूकता के लिए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में ऐसे पाठ्यक्रम और गतिविधियां विकसित की जा रही हैं, जो विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत, जिम्मेदार और नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
इस मौके पर जिला नोडल इंचार्ज सरदार सुखविंदर सिंह, मुख्तार सिंह, श्रीमती रमिंदर बजाज, डिट्सू चंडीगढ़ से तरण और निश्चय सहित स्कूल के शिक्षक उपस्थित थे।









