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पंजाब में वेतन में कटौती पर बिफरे शिक्षा विभाग के कर्मचारी

पंजाब भर के कार्यालयों में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल जारी है और शिक्षा भवन के बाहर स्थायी धरना जारी है। अपनी जायज मांगों को मनवाने और वेतन कटौती बंद करने को लेकर हड़ताल पर चल रहे शिक्षा विभाग के कार्यालय कर्मियों और विशेष शिक्षकों ने अपना संघर्ष तेज कर दिया और शिक्षा बोर्ड से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकाला। इस बीच, माहौल को शांत करने के लिए यूनियन नेताओं की ओर से पंजाब भवन चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के साथ मोहाली प्रशासन की ओर से पुलिस अधिकारी हरवीर सिंह अटवाल ने बैठक की। जिस दौरान उन्होंने मुख्य सचिव पंजाब केएपी सिन्हा और सचिव स्कूल शिक्षा कमल किशोर यादव को कर्मचारियों के नियमितीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार वादे के मुताबिक नियमितीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि संघर्षों से निकली आम आदमी पार्टी के मंत्रियों को कर्मचारियों का संघर्ष बुरा लगने लगा है। इसके चलते शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने संघर्षरत कर्मचारियों को बर्खास्तगी की धमकी देनी शुरू कर दी है। नेताओं ने कहा कि सत्ता में आने से पहले ठेका प्रथा खत्म करने का वादा कर सत्ता में आयी सरकार अब समस्याओं का समाधान करने से भाग रही है। इसके साथ ही यूनियन नेताओं ने कहा कि 14 मार्च 2024 को पंजाब के महाधिवक्ता ने मांगों को स्वीकार करते हुए 8886 अध्यापकों की तर्ज पर कार्यालय कर्मचारियों को नियमित करने पर भी अपनी सहमति दे दी है और अब नियुक्ति का कोई कानूनी आधार नहीं है। शिक्षा विभाग में कर्मचारियों को कोई झिझक नहीं हैए साथ ही इन नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्मिक विभाग के अधिकारियों के आश्वासन पर पहले भी दो बार हड़ताल वापस ले ली गई थीए लेकिन हड़ताल वापसी के बाद विभाग फिर से कर्मचारियों की मांगों पर चुप्पी साध लेता है। इसलिए अब कर्मचारी अपनी मांगें मानाकर ही लौटेंगे, अगर संघर्ष के दौरान कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।

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