सेबी की पूर्व चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच की बढ़ीं मुश्किलें

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की एक स्पेशल एंटी-करप्शन कोर्ट ने सेबी की पूर्व चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। शेयर मार्केट फ्रॉड और रेगुलेटरी वायलेशन यानी नियामक उल्लंघन के मामले में कोर्ट ने माधवी के अलावा बांबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के पांच शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश स्पेशल जज एसई बांगर ने शनिवार को ठाणे बेस्ड जर्नलिस्ट सपन श्रीवास्तव की ओर से दायर याचिका पर दिया है। सपन ने स्टॉक एक्सचेंज पर एक कंपनी की लिस्टिंग में बड़े पैमाने पर फायनांशियल फ्रॉड और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
इस आदेश को खुलासा रविवार को सेबी ने किया। शिकायतकर्ता ने तीन तर्क देते हुए कहा था कि सेबी के अधिकारी अपने वैधानिक कत्र्तव्य में विफल रहे। बाजार में हेराफेरी करने दी गई, इससे निवेशकों को नुकसान हुआ। नियमों को पूरा नहीं करने वाली कंपनी की लिस्टिंग को अनुमति दी गई। बता दें कि माधवी पुरी बुच का सेबी प्रमुख का कार्यकाल 28 फरवरी को ही समाप्त हुआ था और उनकी जगह ओडिशा कैडर के आईएएस तुहिन कांत पांडे को नया सेबी प्रमुख बनाया गया है, जिनका कार्यकाल तीन साल तक रहेगा।








