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7.5 लाख नशीली गोलियां और 1277 किलो भुक्की, 33 किलो गांजा और 4.5 किलो चरस भी जब्त

चंडीगढ़, 22 मार्च

 

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने पंजाब सरकार के नशे के खिलाफ अभियान ‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ की सफलता के बारे में विस्तारपूर्वक बताया और 21 मार्च तक हुई पुलिस कार्रवाई की जानकारी मीडिया के साथ साझा की।

 

शनिवार को लालजीत भुल्लर ने इस मुहिम से संबंधित चंडीगढ़ पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। मंत्री ने बताया कि ‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ अभियान के नतीजे बेहद उत्साहजनक है और पूरे पंजाब में इसके अच्छे नतीजे देखने को मिल रहे हैं। लोग भी इस मुहिम के लिए पंजाब सरकार की तारीफ कर रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा यह अभियान बेहद सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। अब तक 121 किलो हेरोइन, 78 किलो  अफीम और करीब 5.25 करोड़ रुपए नगद बरामद किए गए हैं। वहीं नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज एक्ट (एनडीपीएस) के तहत 2015 एफआईआर दर्ज हुए हैं और 3376 ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

 

इसके अलावा करीब 7.5 लाख के आसपास नशीली दवाओं की गोलियां और 1277 किलो भुक्की, 33 किलो गांजा 4.5 किलो चरस और 1.25 किलो आइस, करीब 500 नकली शराब की बोतलें, 7.5 किलो नशीली पाउडर और 330 इंजेक्शन भी पुलिस ने बरामद किए हैं। वहीं नशा तस्करी से जुड़े 43 लोगों के इमारतों को ध्वस्त किया गया है।

 

वहीं नशा तस्करी से जुड़ी 22 मोटरसाइकिल, 8 मोबाईल, 4 कार और 12 पिस्तौल जब्त किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान 4 किलो से ज्यादा सोना, जिसमें एक हार और दो चेन शामिल है एवं 1.25 किलो चांदी भी बरामद हुआ है।

 

भुल्लर ने पंजाब के सभी पंचों- सरपंचों से आगे आने और मुहिम में अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने अपना विधानसभा क्षेत्र पट्टी का उदाहरण दिया और कहा कि मेरे हल्के में 113 पंचायत है और सभी पंचायतों में ग्रामसभा का इजलास बुलाकर प्रस्ताव पास किया गया और यह तय किया गया कि अगर कोई नशा बेचने वाले पर एफआईआर दर्ज होती है, तो कोई भी उसका जमानत नहीं करवाएगा। अगर कोई व्यक्ति उसकी जमानत करवाने जाता है तो गांव के सभी लोग उसका बहिष्कार करें। उसके किसी भी समारोह या घरेलू कार्यक्रम में भाग न लें।

 

उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर इस युद्ध को जीतने की जरूरत है। इसके लिए सभी पंच सरपंच और आमलोगों को मिलाकर नशे के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा। उन्होंने पंजाब के सभी सरपंचों से अपील की कि अपने अपने पंचायतों में नशा से जुड़े लोगों का बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित करें। ताकि गांवों में नशा के खिलाफ माहौल बन सके और लोगों में जागरूकता पैदा हो।

 

उन्होंने कहा कि जिस तरह हम सबने मिलकर 1984 के बाद पंजाब में शुरू हुए  काले दौर को खत्म किया, उसी तरह इस बार पंजाब से नशा को खत्म करना है।

 

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