पंजाब के पानी की एक बूंद भी बर्बाद नहीं होने देंगे

आम आदमी पार्टी के विभिन्न वरिष्ठ नेताओं ने यहां फेज-7 की लाइटों पर हरियाणा को भाखड़ा बांध से अतिरिक्त पानी छोडऩे के लिए मजबूर करने के केंद्र के फैसले पर कड़ा विरोध जताया। जिला योजना समिति साहिबजादा अजीत सिंह नगर की चेयरपर्सन एवं जिला इकाई की अध्यक्ष प्रभजोत कौर ने आज यहां कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ अन्याय कर रही है तथा पंजाब सरकार पंजाब के पानी की एक बूंद भी बर्बाद नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार पंजाब के पानी की लूट नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा ने 31 मार्च तक 21 मई से 20 मई तक का अपना कोटा समाप्त कर लिया था, तो उस समय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मानवीय आधार पर हरियाणा के मुख्यमंत्री के अनुरोध पर छह अप्रैल से लगातार 4000 कियोस्क प्रतिदिन अतिरिक्त पानी उपलब्ध करवाया था। लेकिन अब जब हरियाणा अपनी सिंचाई जरूरतों के लिए भी पानी की मांग कर रहा है, तो बीबीएमबी द्वारा 8500 कियोस्क प्रतिदिन पानी उपलब्ध करवाना पंजाब के हितों के लिए पूर्ण रूप से कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि पंजाब के तीनों बांधों में पानी आवश्यक स्तर से कम है। इसलिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन सन्नी सिंह आलुवालिया ने इस अवसर पर कहा कि हरियाणा को अतिरिक्त पानी देना पंजाब के किसानों के लिए पूर्ण झटका होगा। उन्होंने कहा कि जब जल संसाधन विभाग के सचिव कृष्ण कुमार 23 अप्रैल की बैठक में ही कह चुके हैं कि हमारे पास अतिरिक्त पानी नहीं है, तो केंद्र सरकार का ऐसा दबाव किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बनी थी। उस समय नहरों के माध्यम से केवल 17 प्रतिशत पानी उपलब्ध कराया जा रहा था, लेकिन अब नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए 78 प्रतिशत पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में जब पंजाब में सिंचाई के लिए पानी का उपयोग बढ़ गया है, तब दूसरे राज्यों को पानी देना, वह भी जबरदस्ती, तो पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी पंजाब के किसानों पर ऐसे किसी भी दबाव के खिलाफ डटकर खड़ी रहेगी।








