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कुछ वर्क लोड से दबे, कुछ छुट्टी पर छुट्टी ले रहे, सीजेआई बनने से पहले ही जस्टिस सूर्यकांत ने हाई कोर्ट के जजों की लगाई क्लास

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट में कुछ हाई कोर्ट जजों द्वारा बार-बार और अधिक छुट्टी लेने का मामला उठा, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए मौखिक रूप से कहा कि अब समय आ गया है कि जजों के कामकाज का मूल्यांकन करने के लिए परफॉरमेंस ऑडिट किया जाए। देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बनने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जहां कुछ जज वर्क लोड से दबे हैं और बहुत मेहनत कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जो बेवजह बार-बार ब्रेक लेते रहते हैं, जिससे उनके समय के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं। बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत जस्टिस गवई के बाद इसी साल के अंत तक देश के 53वें सीजेआई बनने वाले हैं। पिला पाहन और अन्य बनाम झारखंड राज्य और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि कुछ जज ऐसे हैं, जो बहुत मेहनत करते हैं, लेकिन साथ ही, कुछ जज ऐसे भी हैं जो बेवजह काफी ब्रेक लेते हैं; कभी इस नाम पर ब्रेक तो कभी उस नाम पर ब्रेक… लंच का समय क्या है, वगैरह-वगैरह।

हम हाई कोर्ट के जजों के बारे में बहुत सारी शिकायतें सुन रहे हैं। यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर गौर करने की जरूरत है। हाई कोर्ट के जजों का प्रदर्शन कैसा है? हम कितना खर्च कर रहे हैं और उसका आउटपुट क्या है? अब समय आ गया है कि हम उनका परफॉरमेंस ऑडिट करें। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि इन्हीं कारणों से उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के कामकाज के ऑडिट का आदेश दिया गया है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, जिस पर विचार किए जाने की जरूरत है। कोर्ट की यह टिप्पणी उन चार व्यक्तियों की याचिका पर आई, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए दावा किया था कि झारखंड हाई कोर्ट ने 2022 में दोषसिद्धि और आजीवन कारावास के खिलाफ आपराधिक अपील पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था, लेकिन अभी तक उस पर कोई फैसला नहीं सुनाया गया है।

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