डिप्लोमेटिक स्ट्राइक से पहले होगी सांसदों की ब्रीफिंग, विदेश जाने वाले डेलिगेशन संग विक्रम मिसरी करेंगे चर्चा

नई दिल्ली
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारत वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को बेनकाब कर रहा है। इस कड़ी में अब सर्वदलीय सांसदों के सात डेलिगेशन 32 देशों की यात्रा कर आतंक परस्त मुल्क की पोल खोलेंगे और भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में दुनिया को जानकारी देंगे। इन डेलिगेशन में अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसद, पूर्व मंत्री और पूर्व राजदूत शामिल हैं। इन सांसदों की विदेश यात्रा से पहले विदेश सचिव विक्रम मिसरी पूरे डेलिगेशन को
ब्रीफ करेंगे।
दो चरणों में ब्रीफिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सांसदों के सात डेलिगेशन अलग-अलग देशों की यात्रा पर जाएंगे। इससे पहले विक्रम मिसरी दो चरणों में सांसदों को ब्रीफ करेंगे। संसद भवन में पहले चरण की बीफ्रिंग 20 मई को होगी और इस दौरान श्रीकांत शिंदे, कनिमोझी और संजय झा की अगवाई वाले तीन अलग-अलग डेलिगेशन को ब्रीफ किया जाएगा। इसके बाद ये तीन गु्रप 21 से 23 मई के बीच विदेश दौरा करेंगे। दूसरे चरण की ब्रीफिंग 23 मई को होगी और इसमें सुप्रिया सुले, बैजयंत पांडा, रविशंकर प्रसाद और शशि थरूर की अगवाई वाले चार अलग-अलग डेलिगेश को विक्रम मिसरी ब्रीफ करेंगे। इसके बाद ये गु्रप 23 से 25 मई के बीच विदेश दौरा करेगा।
पाकिस्तान भी अपना डेलिगेशन विदेश भेजेगा
इस्लामाबाद। पाकिस्तान भारत के डेलिगेशन से घबरा गया है। ऐसे में दुश्मन ने अपनी छवि बचाने के लिए एक डेलिगेशन विदेश में भेजने का फैसला किया है। इसका प्रतिनिधित्व बिलावल भुट्टो जरदारी करेंगे। पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की वैश्विक स्तर पर फजीहत हुई है। भारत ने आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को दुनिया में बेनकाब करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसी के मद्देनजर अपना एक डेलिगेशन विदेशों में भेजने का फैसला लिया है। भारत के इस निर्णय के बाद अब पाकिस्तान ने भारत की नकल कर अपना एक डेलिगेशन विदेश में भेजने का फैसला किया है। बता दें कि भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मद्देनजर पाकिस्तान अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रहा है। हाल के पहलगाम आतंकी हमले ने पाकिस्तान के आतंकवाद के साथ गहरे संबंधों को उजागर कर दिया है।








