पूजा खेडकर कोई आतंकी नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बर्खास्त ट्रेनी आईएएस को दी अग्रिम जमानत

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व आईएएस प्रोबेशनर पूजा खेडकर की सशर्त अग्रिम जमानत याचिका को बुधवार को मंजूरी दे दी। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। बेंच ने पूजा को जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पूजा ने कौन सा बड़ा अपराध कर दिया। वह कोई ड्रग माफिया या आतंकवादी नहीं है। उन पर हत्या (धारा 302) का आरोप नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आपके पास कोई सिस्टम या सॉफ्टवेयर होना चाहिए, जिससे इस तरह की जांच समय पर हो। उसने सब कुछ खो दिया है, अब कहीं नौकरी नहीं मिलेगी। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले ही जमानत देनी चाहिए थी। दिल्ली पुलिस के वकील ने जमानत का विरोध किया। कहा कि पूजा जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं
पूजा खेडकर पर संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा पास करने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगता कोटे से आरक्षण लेने के लिए धोखाधड़ी करने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश पलट दिया सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट का 23 दिसंबर 2024 का आदेश पलट दिया था। पूजा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा था कि हाईकोर्ट के आदेश में कुछ ऐसी टिप्पणी हैं जो ट्रायल शुरू होने पर पूजा के खिलाफ प्रयोग हो सकते हैं।








