बिहार में मतदाता सूची से 65 लाख लोग गायब, SC ने चुनाव आयोग से शनिवार तक मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग से कहा कि वह विशेष पुनरीक्षण के दौरान बिहार मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख लोगों (मृत और स्थायी पलायन करने वाले) का विवरण शनिवार तक दे। न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुयान और न्यायमूर्ति एन के सिंह की पीठ ने याचिकाकर्ता एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण की गुहार पर यह निर्देश दिया। पीठ ने निर्वाचन आयोग के वकील से कहा, “शनिवार तक जवाब दाखिल करें और श्री भूषण को इसे देखने दें। फिर हम देख पाएंगे कि क्या खुलासा हुआ है और क्या नहीं।”
पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अपनाई गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार हर राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को यह जानकारी दी जाएगी। इस पर चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने कहा कि वह प्रस्तुत करेगा कि यह जानकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ जानकारी साझा की गई है। अदालत ने चुनाव आयोग से कहा कि वह अपना जवाब रिकॉर्ड पर रखें। पीठ ने निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता से कहा, “उन राजनीतिक दलों की सूची दीजिए जिन्हें यह जानकारी दी गई है। हम 12 अगस्त को मामले की सुनवाई करेंगे। तब तक अपना (निर्वाचन आयोग का) जवाब दाखिल करें।” शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता की चिंताओं पर कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रभावित होने वाले प्रत्येक मतदाता को आवश्यक जानकारी मिले।”








