
धूरी, 22 दिसंबर:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि जहां राज्य सरकार पंजाबी युवाओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनाकर भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के लिए कड़े प्रयास कर रही है, वहीं अकाली दल राज्य को डायनासोर युग में वापस खींचने पर तुला हुआ है।
आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार पंजाब के युवाओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की कोशिश कर रही है ताकि वे जीवन में सफल हो सकें। उन्होंने कहा कि अकाली दल, जिसने राज्य में नशा फैलाकर युवाओं को बर्बाद किया था, राज्य को डायनासोर युग में वापस ले जाना चाहता है। व्यंग्यात्मक अंदाज में भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों का ‘डायनासोर’ असल में हवा से भरा एक प्लास्टिक का खिलौना है, जिसे लोग जल्द ही उड़ा देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में हाल ही में हुई मेगा शिक्षक-अभिभावक बैठक में 23.3 लाख अभिभावकों की भागीदारी एक बहुत अच्छा संकेत है, जो पंजाब के उज्जवल भविष्य को दर्शाती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक मिसाली बदलाव है क्योंकि ऐसी बैठकें पहले प्राइवेट स्कूलों में होती थीं, लेकिन सरकारी स्कूलों में यह सुविधा गायब थी। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की भलाई के लिए अपनाई जा रही सबसे अच्छी पहल में से एक है।
न्यूजीलैंड में नगर कीर्तन के विरोध के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार को यह मामला न्यूज़ीलैंड सरकार के पास उठाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि न्यूज़ीलैंड एक पढ़ा-लिखा देश है, लेकिन प्रवास का मुद्दा वैश्विक चिंता बन गया है। भगवंत सिंह मान ने पंजाब और पंजाबी लोगों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने धूरी विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों के साथ बैठक की और विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। चुने गए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें गांवों और लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का पूर्ण रूप से उपयोग किया जाना चाहिए ताकि जरूरतमंदों को रोजगार मिल सके और विकास कार्य कुशलता से पूरे हो सकें।
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से अपील की कि विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं और कोई शिकायत न हो। उन्होंने सरपंचों, पंचायतों, पंचायत समिति और जिला परिषद के नए चुने गए सदस्यों से कहा कि वे पार्टीबाज़ी से ऊपर उठकर विकास पर ध्यान केंद्रित करें। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर गांव को शहरों के बराबर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्युनिटी सेंटर्स को पूरा करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि आम लोगों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास कार्यों के लिए अधिकारियों में पूर्ण तालमेल होना चाहिए और भरोसा दिलाया कि पंचायतों के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि हर गांव को एक मिनी-बस सेवा के माध्यम से जोड़ा जाएगा और युवाओं को बस परमिट जारी किए जाएंगे।
इसके पहले, मुख्यमंत्री ने जिला परिषदों और ब्लॉक समितियों के नए चुने गए सदस्यों को बधाई दी और उन्हें लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करने की अपील की। उन्होंने बताया कि उनका शपथ ग्रहण समारोह जनवरी के पहले हफ्ते में होगा, जिसके बाद महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) में उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में प्रशिक्षण सत्र होंगे। भगवंत सिंह मान ने संतोष व्यक्त किया कि विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जो सकारात्मक संकेत है क्योंकि पहली बार हर गांव में विकास कार्य सक्रियता के साथ चल रहे हैं।









