गुलज़ारइंदर सिंह चाहल ने आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड के वाइस चेयरमैन के रूप में पदभार संभाला।

चंडीगढ़, 25 दिसंबर
पंजाब आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड के नव-नियुक्त उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) गुलज़ारइंदर सिंह चाहल ने आज अतिरिक्त मुख्य सचिव योजना जसप्रीत तलवाड़, अतिरिक्त सचिव योजना जगजीत सिंह और निदेशक योजना अनुपम की उपस्थिति में औपचारिक रूप से पदभार संभाला। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की सेवा करने का अवसर देने के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का हृदय से धन्यवाद किया।
पदभार संभालने के तुरंत बाद उपाध्यक्ष चाहल ने योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पहले से ही सुव्यवस्थित ढंग से जन-हितैषी नीतियों को लागू कर रही है, जिनके जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पूरी समझ-बूझ के साथ बनाई गई इन नीतियों के माध्यम से पंजाब राज्य क्रांतिकारी सुधारों के कार्यान्वयन में देशभर में अग्रणी बनकर उभरा है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने अपनी इस नई भूमिका के लिए ठोस योजना तैयार करने पर चर्चा की, ताकि वे पंजाब के विकास को और गति देने में योगदान दे सकें।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष गुलज़ारइंदर सिंह चाहल ने पंजाब के भविष्य को ध्यान में रखते हुए डिजिटल अर्थव्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सेवाओं की डिलीवरी में सुधार के लिए सरकारी क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी उभरती तकनीकों को शामिल करने के साथ-साथ स्टार्टअप्स, मीडिया और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की अपनी मजबूत प्रतिबद्धता व्यक्त की।
उन्होंने आगे कहा कि वे नीति आयोग के साथ निकट समन्वय के प्रयास करेंगे और देश के अन्य राज्यों तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू प्रमुख नीतियों का अध्ययन करेंगे, ताकि पंजाब में सफल और ठोस नीतियों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, राज्य के आर्थिक विकास को मजबूती देने के लिए प्रवासी पंजाबियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उद्योग जगत के नेताओं को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
एक उद्यमी के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करना निवेश को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आर्थिक विकास का लाभ पंजाब के हर नागरिक तक पहुंचे।









