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शहादत सभा: डीजीपी गौरव यादव गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में हुए नतमस्तक, सुरक्षा प्रबंधों का लिया जायजा

चंडीगढ़/फतेहगढ़ साहिब, 25 दिसंबर: फतेहगढ़ साहिब में छोटे साहिबज़ादों की शहादत की स्मृति में आयोजित होने वाली वार्षिक शहीदी सभा के शुभारंभ के मद्देनज़र, पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव आज इस पवित्र स्थल पर नतमस्तक हुए और धार्मिक आयोजन के सुचारू, सुरक्षित एवं व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा तथा ट्रैफिक प्रबंधन योजना का व्यक्तिगत रूप से जायजा लिया।
दसवें गुरु साहिब, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादे बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत को समर्पित तीन दिवसीय वार्षिक शहीदी सभा आज से गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में आरंभ हो गई है।
इस अवसर पर डीजीपी ने डीआईजी रोपड़ रेंज नानक सिंह और एसएसपी श्री फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल के साथ धार्मिक समागम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु किए गए प्रबंधों की समीक्षा की।
मीडिया से बातचीत करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पूरे क्षेत्र को योजनाबद्ध तरीके से छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है और पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छह एसपी रैंक के अधिकारियों तथा 24 डीएसपी रैंक के अधिकारियों की निगरानी में 3400 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।
डीजीपी ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य संगत की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू आवागमन को सुनिश्चित करना है। पंजाब पुलिस इस जिम्मेदारी को सेवा के रूप में निभा रही है और संगत को विनम्रता एवं समर्पण के साथ मार्गदर्शन तथा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।” उन्होंने आगे कहा कि पुलिस कर्मियों को सतर्क रहते हुए, कर्तव्यनिष्ठ और शिष्टाचारपूर्ण तथा जन-मैत्रीपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
देश-विदेश से आने वाली संगत के निर्बाध और सुचारू आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि संगत को किसी प्रकार की असुविधा से बचाने हेतु श्री फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा कई उपाय लागू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा साहिब के 200 मीटर के दायरे को ‘नो व्हीकल ज़ोन’ घोषित किया गया है तथा 22 पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों से गुरुद्वारा साहिब तक संगत को लाने-ले जाने के लिए ई-रिक्शा, ऑटो और शटल बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने आगे बताया कि निर्बाध ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पंजाब पुलिस द्वारा गूगल के सहयोग से पार्किंग स्थलों की रियल-टाइम जियो-टैगिंग की गई है तथा रणनीतिक स्थानों पर दिशा-निर्देश संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं।
प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, भीड़ की निर्बाध आवाजाही, ट्रैफिक प्रवाह और पार्किंग क्षेत्रों की निगरानी हेतु छह ड्रोन और लगभग 300 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
डीजीपी ने बताया कि संगत की सुविधा के लिए पुलिस सहायता, चिकित्सीय सहायता और फायर सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु छह एकीकृत हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एक एकीकृत कंट्रोल रूम, जन सहायता कियोस्क, विशेष आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें तैनात की गई हैं तथा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, स्पेशल ब्रांच और खुफिया सूचनाओं के माध्यम से 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की गई है।

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