
मालेरकोटला, 27 दिसंबर –
डिप्टी कमिश्नर विराज एस. तिड़के और जिला बाल सुरक्षा अधिकारी हरप्रीत कौर के दिशा-निर्देशों के तहत सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के अनुसार विभिन्न स्कूल बसों की अचानक जांच की गई। सर्दी और घने कोहरे को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्कूलों की 6 बसों की जांच की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के चालान किए गए।
जांच के दौरान स्कूल बसों के दस्तावेज, ड्राइवरों के लाइसेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और पी.यू.सी. की जांच की गई। इसके अलावा बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट, स्पीड गवर्नर, रिफ्लेक्टर, फॉग लाइट्स और जी.पी.एस. सिस्टम की उपलब्धता भी जांची गई। कोहरे वाले मौसम को ध्यान में रखते हुए ड्राइवरों को धीमी गति से वाहन चलाने, हेडलाइट और इंडिकेटर का सही उपयोग करने तथा ट्रैफिक नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
बाल सुरक्षा इकाई की ओर से स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे अपने बच्चों को केवल स्वीकृत और सुरक्षित स्कूल वाहनों के माध्यम से ही स्कूल भेजें।
यह जांच अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जा सके। इस मौके पर लीगल अधिकारी बबीता कुमारी, ट्रैफिक इंचार्ज गुरमुख सिंह, गुरजंट सिंह, लवप्रीत सिंह, शिक्षा विभाग से कुलदीप सिंह और मीडिया सहायक परगट सिंह उपस्थित थे।






