
चंडीगढ़, 28 दिसंबर 2025 :
पंजाब के बिजली, उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन तथा एनआरआई मामलों के कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज कहा कि वर्ष 2025 के दौरान बिजली विभाग द्वारा राज्य में भरोसेमंद बिजली आपूर्ति, उपभोक्ता-अनुकूल सेवाओं और आधुनिक बिजली बुनियादी ढांचे के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं।
बिजली कनेक्शनों में सुविधा और उपभोक्ता-हितैषी सुधार
श्री अरोड़ा ने बताया कि अब पीएसपीसीएल द्वारा बिना किसी एनओसी (NOC) के बिजली कनेक्शन जारी किए जाएंगे, बशर्ते आवेदक द्वारा आवश्यक अंडरटेकिंग जमा करवाई जाए। बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन फॉर्म को सरल बनाया गया है और रिकॉर्ड्स का डिजिटलीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को और बढ़ावा देने के लिए पीएसपीसीएल द्वारा कृषि श्रेणी को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के लिए टेस्ट रिपोर्ट जमा करने और उसकी जांच की शर्त समाप्त कर दी गई है। एलटी श्रेणी के अंतर्गत 50 किलोवाट तक लोड वाले नए कनेक्शन, अतिरिक्त लोड या लोड घटाने के लिए अब किसी लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार द्वारा टेस्ट रिपोर्ट या स्व-प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं रहेगी।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य भर में लटकती तारों को ठीक करने, सड़कों पर बिजली के खंभों की संख्या घटाने तथा सुरक्षा और सौंदर्य में सुधार के लिए एक विशेष परियोजना चलाई जा रही है। इसके तहत नई केबलें और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स लगाए जा रहे हैं तथा आवश्यकता अनुसार ट्रांसफॉर्मरों को अपग्रेड किया जा रहा है। इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट एक सब-डिवीजन में सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और अब शेष 86 सब-डिवीजनों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली
मंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं (डीएस श्रेणी) को प्रति माह 300 यूनिट या दो माह में 600 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। यह सुविधा केवल आवासीय उपयोग के लिए है और स्वीकृत लोड के भीतर बिना किसी भेदभाव के लागू है। इसके परिणामस्वरूप राज्य के लगभग 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल प्राप्त हुए हैं।
कृषि क्षेत्र और निर्बाध बिजली आपूर्ति
पंजाब ने धान सीजन के दौरान कृषि क्षेत्र को 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की। इस दौरान औद्योगिक, घरेलू या वाणिज्यिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की बिजली कटौती नहीं की गई। अप्रैल 2025 तक बिजली एवं सिविल कार्यों (आईडीसी सहित) पर ₹4,620.5 करोड़ का खर्च किया जा चुका है।
कर्मचारियों के लिए सुरक्षा, मुआवजा और चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि
मंत्री ने बताया कि ड्यूटी के दौरान घातक दुर्घटना में नियमित कर्मचारियों के लिए एक्स-ग्रेशिया राशि ₹30 लाख से बढ़ाकर ₹35 लाख कर दी गई है, जबकि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मुआवजा ₹30 लाख किया गया है। ड्यूटी के दौरान घायल नियमित कर्मचारियों के लिए मेडिकल एडवांस ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया है, जबकि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ₹3 लाख तक मेडिकल एडवांस की सुविधा प्रदान की गई है।






