
चंडीगढ़/मलोट, 07 जनवरी:
पंजाब सरकार द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन—ECCE) तथा समग्र पोषण योजना (पोषण अभियान) के तहत राज्य और प्रदेश स्तर पर व्यापक क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और सीखने के परिणामों को सुदृढ़ किया जा सके।
इसी कड़ी के तहत आज मलोट में पोषण अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय पोषण जागरूकता एवं क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब की महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने भाग लिया। यह कार्यक्रम पोषण भी, पढ़ाई भी टियर-2, फेज-2 प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की क्षमता को मजबूत करना तथा पोषण संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा विशेष रूप से इस विभाग पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले ही पांच हजार आंगनवाड़ी वर्करों की भर्ती की जा चुकी है तथा आने वाले दिनों में छह हजार और आंगनवाड़ी वर्कर एवं हेल्पर भर्ती किए जाएंगे। एक हजार आंगनवाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण किया गया है और प्रत्येक केंद्र पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
मंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करना पंजाब सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पोषण अभियान और ECCE दोनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी पहलें हैं, क्योंकि उचित पोषण के बिना बच्चों का सीखना और विकास संभव नहीं है। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पोषण अभियान एक बहु-विभागीय योजना है, जिसमें स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता जैसे विभागों की संयुक्त भूमिका है। उन्होंने आंगनवाड़ी वर्करों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास से ही योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच सकता है।
इसके साथ ही पंजाब सरकार के सामाजिक सुरक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों और वर्करों के लिए विस्तृत राज्य स्तरीय प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-आधारित, बाल-केंद्रित और विकासात्मक क्षेत्रों पर आधारित शिक्षा लागू की जा रही है।
ECCE प्रशिक्षण के लिए कैस्केड मॉडल अपनाया गया है, जिसके अंतर्गत पहले राज्य स्तर के मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो आगे चलकर जिला और ब्लॉक स्तर पर आंगनवाड़ी वर्करों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान साप्ताहिक खेल-आधारित कैलेंडर, दैनिक समय-सारिणी, अवलोकन-आधारित मूल्यांकन उपकरण और आधारशिला पाठ्यक्रम (2024) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मूल साक्षरता और संख्यात्मक क्षमता को मजबूत किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी, पोषण विशेषज्ञ तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्रों में पोषण अभियान और प्रारंभिक शिक्षा के क्रियान्वयन, डेटा-आधारित निगरानी, व्यवहार परिवर्तन संचार, सामुदायिक जागरूकता तथा जमीनी स्तर पर चुनौतियों और समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी शिक्षा से जुड़े लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्राप्त किया जा सके।
कार्यक्रम का समापन माताओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास, विभागीय समन्वय को मजबूत करने तथा स्वस्थ पंजाब के निर्माण के लिए साझा संकल्प के साथ किया गया।
इस अवसर पर श्री अमरजीत सिंह भुल्लर (उप निदेशक, सामाजिक सुरक्षा विभाग), डॉ. उर्वशी (संयुक्त सलाहकार, पी.डी.सी.), श्रीमती रतनदीप कौर संधू, श्रीमती राजवंत कौर (सी.डी.पी.ओ., मलोट), निजी सहायक श्री अरशदीप सिंह, गगनदीप सिंह औलख, लव बत्रा और शमशेर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।






