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# वेटरन्स डे: मोहितंदर भगत द्वारा रक्षा सेवाओं के पूर्व सैनिकों के जज़्बे और बलिदान की सराहना

चंडीगढ़/अमृतसर, 14 जनवरी 2026:
राष्ट्र के प्रति समर्पण, बलिदान और जीवन अर्पित करने की सेवा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, पश्चिमी कमांड के नेतृत्व में वज्र कोर ने 14 जनवरी 2026 को खस्सा, अमृतसर में 10वां डिफेंस सर्विसेज वेटरन्स डे मनाया। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों, वीरता पुरस्कार विजेताओं, वीर नारियों, रक्षा बलों के परिवारों और विधवाओं की अद्वितीय भावना तथा निःस्वार्थ योगदान का सम्मान किया गया।
डिफेंस सर्विसेज वेटरन्स डे हर वर्ष 14 जनवरी को भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ, फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा की सेवानिवृत्ति की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिवस सशस्त्र सेनाओं और उनके परिवारों के बीच मजबूत और स्थायी संबंध का प्रतीक है।
लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, ए.वी.एस.एम., वी.एस.एम., जी.ओ.सी., वज्र कोर ने पश्चिमी कमांड के आर्मी कमांडर की ओर से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की राष्ट्र के प्रति अतुलनीय सेवा और बलिदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान, समर्थन तथा उनके साथ सदैव खड़े रहने के प्रति भारतीय सेना की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री श्री मोहितंदर भगत ने राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों के अमूल्य योगदान की सराहना की, विशेष रूप से पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान उनकी उल्लेखनीय भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया।
पूर्व सैनिकों को श्रद्धांजलि देने और उनकी भलाई हेतु व्यापक पहुंच के रूप में शुरू किए गए इस कार्यक्रम ने एक सुदृढ़ और त्वरित सहायता प्रणाली सुनिश्चित की। इस अवसर पर 40 से अधिक शिकायत निवारण काउंटरों के माध्यम से स्पर्श, पेंशन, ई.सी.एच.एस., सी.एस.डी., पुनर्वास तथा कल्याण संबंधी अधिकारों से जुड़े मामलों पर मौके पर ही सहायता प्रदान की गई, जो सेना की अपने परिवार के सम्मान और कल्याण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विशेषज्ञ ओपीडी के माध्यम से व्यापक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े लाभों, कल्याण योजनाओं और सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार के अवसरों पर केंद्रित जागरूकता पहल भी की गई।
इस रैली में लगभग 2,500 पूर्व सैनिकों और उनके पारिवारिक सदस्यों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जबकि पश्चिमी कमांड के अधीन विभिन्न स्थानों से 4,000–4,500 प्रतिभागियों ने वर्चुअल रूप से सहभागिता की, जिससे व्यापक और समावेशी पहुंच सुनिश्चित हुई।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ सम्मान एवं संवाद, सैन्य परंपराओं को दर्शाते सांस्कृतिक कार्यक्रम, मल्टी-स्पेशियलिटी चिकित्सा जांच, कल्याण एवं शिकायत निवारण स्टॉल तथा दोपहर के भोजन की व्यवस्था शामिल थी, जिसने आपसी सद्भावना, स्मृति और सामूहिक गौरव की भावना को और सुदृढ़ किया।
नोडल फॉर्मेशन के रूप में वज्र कोर द्वारा आयोजित इस समारोह में उत्कृष्ट समन्वय, गरिमापूर्ण आचरण और देश के पूर्व सैनिकों की शाश्वत विरासत को उपयुक्त श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनकी राष्ट्र सेवा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी और उनके बलिदान देश की चेतना में सदा अंकित रहेंगे।
स्मरणीय आयोजनों की इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए, ट्राइसिटी के पूर्व अधिकारियों के लिए 18 जनवरी 2026 को चंडीमंदर मिलिट्री स्टेशन में एक विशेष संवाद और दोपहर के भोजन का आयोजन किया जाएगा। यह भारतीय सेना और उसके पूर्व सैनिकों के बीच स्थायी संबंध, सम्मान, सहभागिता और कल्याण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करेगा।.

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