
बरनाला, 17 जनवरी
जिले में पराली प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर बरनाला श्री टी. बेनिथ द्वारा आयोजित लकी ड्रॉ (पराली) के छठे और सातवें ड्रॉ के अंतर्गत विजेता किसानों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर जिले के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने भाग लिया। इस लकी ड्रॉ में पहला पुरस्कार 20,000 रुपये, दूसरा पुरस्कार 15,000 रुपये, तीसरा पुरस्कार 10,000 रुपये तथा शेष 22 किसानों को 2,500–2,500 रुपये के पुरस्कार दिए गए।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि बरनाला जिले में कुल 7 लकी ड्रॉ (पराली) आयोजित किए गए थे, जिनके ड्रॉ निकाले जा चुके हैं और 175 किसानों का चयन किया गया है, जिन्हें पुरस्कार राशि प्रदान की जा चुकी है।
इस दौरान किसानों ने पराली प्रबंधन से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और बताया कि पराली न जलाकर उसका खेतों में ही प्रबंधन करने से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है, खेती की लागत कम होती है और पर्यावरण की सुरक्षा होती है।
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से संवाद करते हुए वर्ष 2026 में पराली प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किसानों से बहुमूल्य सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पराली न जलाने का अभियान भविष्य में भी पूरी गंभीरता से जारी रहेगा।
पराली न जलाने वाले किसानों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ये किसान अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं और सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ पर्यावरण और टिकाऊ कृषि संभव है।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर ने जानकारी दी कि पंजाब सरकार द्वारा किसानों की भलाई के लिए एग्रीस्टैक फार्मर रजिस्ट्री की शुरुआत की गई है। इसके तहत प्रत्येक किसान के लिए एक यूनिक फार्मर आईडी तैयार की जा रही है, जिसके माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, फसल बीमा और अन्य कृषि लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगे।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, बरनाला से संपर्क कर समय पर अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें और इस महत्वपूर्ण पहल का पूरा लाभ उठाएं।
इस मौके पर डॉ. अमृतपाल सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी बरनाला; सुनीता रानी, नोडल अधिकारी पराली; अमनदीप कौर एएसआई; मनदीप सिंह एईओ; सतनाम सिंह; कुलवीर सिंह एटीएम सहित अन्य अधिकारी और किसान उपस्थित थे।






