
चंडीगढ़, 2 फरवरी 2026
पंजाब सरकार की सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) के दो वर्ष पूरे होने पर इसकी शानदार सफलता साझा करते हुए ‘आप’ पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि यह फोर्स मुख्यमंत्री भगवंत मान की सबसे प्रभावशाली और जन-हितैषी पहलों में से एक के रूप में उभरी है, जो पंजाब के हाईवे पर वास्तविक और ठोस परिणाम दे रही है।
पन्नू ने बताया कि जब दो वर्ष पहले एसएसएफ की शुरुआत की गई थी, तब वर्ष 2023 में पंजाब के हाईवे पर दुर्घटनाओं के कारण 1,955 मौतें हुई थीं। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा तेजी से घटकर 1,016 रह गया। इसका अर्थ है कि एसएसएफ की तेज और पेशेवर प्रतिक्रिया के चलते मात्र एक वर्ष में 940 कीमती जानें बचाई गईं। घातक दुर्घटनाओं के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो पूरे पंजाब में हाईवे सुरक्षा में बड़े सुधार को दर्शाती है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसएसएफ के अंतर्गत लगभग 1,500 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान पूर्णकालिक रूप से तैनात हैं और उन्हें वीआईपी या किसी अन्य ड्यूटी पर नहीं लगाया जाता। हाईवे पर हर 30 किलोमीटर की दूरी पर पूरी तरह सुसज्जित एसएसएफ वाहन तैनात किए गए हैं, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होती है। इसके परिणामस्वरूप एसएसएफ की टीमें 6 से 8 मिनट के भीतर दुर्घटना स्थल पर पहुंच जाती हैं, जो विकसित देशों के बराबर का प्रतिक्रिया समय है।
पन्नू ने कहा कि ये वाहन फर्स्ट-एड सुविधाओं, बचाव उपकरणों और कटरों से लैस हैं। जवानों को पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने से पहले तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान करने का प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि एसएसएफ की मौजूदगी से दुर्घटना के बाद होने वाली लूटपाट लगभग समाप्त हो गई है और अन्य हाईवे अपराधों में, विशेषकर रात के समय, भारी कमी आई है।
एसएसएफ को मुख्यमंत्री भगवंत मान का “ड्रीम प्रोजेक्ट” बताते हुए पन्नू ने कहा कि यह न केवल साकार हुआ है, बल्कि हर दिन जानें बचाने वाले परिणाम दे रहा है। उन्होंने सभी एसएसएफ जवानों और सहयोगी स्टाफ को उनके समर्पण के लिए बधाई दी और कहा कि मानव जीवन बचाना ही शासन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।









