
चंडीगढ़, 13 फ़रवरी 2026
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने गुरुवार को कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा द्वारा पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के खिलाफ की गई शर्मनाक, जातिवादी और अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में पूरे राज्य में जोरदार प्रदर्शन किए। पार्टी ने कहा कि यह केवल एक मंत्री का नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज, मेहनतकश लोगों और ईमानदारी से रोज़ी-रोटी कमाने वाले मजदूर वर्ग का अपमान है।
इन प्रदर्शनों में ‘आप’ के नेताओं, मंत्रियों, विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने “दलित-विरोधी कांग्रेस मुर्दाबाद” और “बाजवा मुर्दाबाद” के नारे लगाए तथा मांग की कि बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व दलित समाज और सभी मेहनतकश लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि कांग्रेस की दलित-विरोधी मानसिकता एक बार फिर पंजाब के लोगों के सामने बेनकाब हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य में किसी को भी दलितों को नीचा दिखाने या श्रमिक वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बलतेज पन्नू ने कहा कि बाजवा की भाषा कांग्रेस पार्टी की दलितों के प्रति गहरी नफरत और हाशिए पर पड़े समुदायों को राजनीतिक अहंकार के कारण अपमानित करने के पुराने इतिहास को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जहां ‘आप’ सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण में विश्वास रखती है, वहीं बाजवा जैसे कांग्रेस नेता आज भी उसी जागीरदारी और जातिवादी मानसिकता में फंसे हुए हैं, जिसे पंजाब बार-बार खारिज कर चुका है।
उन्होंने कहा कि बाजवा की टिप्पणी उन मेहनतकश लोगों का भी सीधा अपमान है, विशेष रूप से बैंड-बाजा कलाकारों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य कलाकारों का, जो विवाह, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में अथक मेहनत करते हैं।
बलतेज पन्नू ने कांग्रेस हाईकमान को चुनौती दी कि वह स्पष्ट करे कि क्या प्रताप बाजवा की जातिवादी भाषा पार्टी की आधिकारिक सोच है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस बाजवा की अपमानजनक टिप्पणियों के साथ खड़ी है, क्या कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सार्वजनिक रूप से इसकी निंदा करेंगे, या फिर वे हमेशा की तरह चुप्पी साध लेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की चुप्पी यह साबित करती है कि बाजवा का बयान कोई व्यक्तिगत भूल नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी की असली सोच और चेहरा है।
पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन किए गए, जिनमें मलेरकोटला और रूपनगर में हुए बड़े प्रदर्शन भी शामिल हैं। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और बैंड-बाजा कलाकार शामिल हुए और बाजवा तथा कांग्रेस पार्टी की दलित-विरोधी सोच की कड़ी निंदा की।
इसके अलावा होशियारपुर, कपूरथला, एसबीएस नगर, अमृतसर, पठानकोट, तरनतारन, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, बरनाला और एसएएस नगर सहित पूरे राज्य में विरोध दर्ज कराया गया। ‘आप’ के मंत्रियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ आवाज़ बुलंद की।
अंत में बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब समानता की धरती है, जो गुरु साहिबानों की शिक्षाओं और डॉ. बी. आर. अंबेडकर की विचारधारा पर चलता है। पंजाब के लोग दलितों और मेहनतकश वर्ग का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व बिना शर्त माफी नहीं मांगता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।









