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2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने वाले पंजाब के पहले शिक्षा मंत्री बने हरजोत सिंह बैंस

चंडीगढ़ / अमृतसर, 20 फ़रवरी:

 

पंजाब में शिक्षा सुधारों की श्रृंखला में एक और मील का पत्थर स्थापित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने राज्य की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने और उसमें सुधार की अपनी निरंतर मुहिम के तहत आज सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, झीता कलां का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री बैंस ने बताया कि पदभार संभालने के बाद से अब तक वे पंजाब भर के 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कर चुके हैं, जो राज्य के इतिहास में एक नया मानदंड है।

 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी शिक्षा मंत्री ने इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों का जमीनी स्तर पर मूल्यांकन किया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत उन्होंने पठानकोट से फाजिल्का और फिरोजपुर से मोहाली तक कोई भी जिला नहीं छोड़ा, जो विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में लगभग 20,000 स्कूल हैं और वे सभी के जमीनी निरीक्षण के मिशन पर हैं।

 

निरीक्षण के दौरान स्टाफ और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मंत्री बैंस ने स्कूल में शिक्षा एवं प्रबंधन मानकों की समीक्षा की तथा ‘समर्थ’ कार्यक्रम—जो प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने-लिखने से जुड़ी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख पहल है—की प्रगति का आकलन किया।

 

उन्होंने पदभार संभालते समय की स्थिति को याद करते हुए कहा कि प्राथमिक स्तर पर बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ने-लिखने में असमर्थ थे। ‘समर्थ’ कार्यक्रम के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को पहले अक्षरों की पहचान में कठिनाई होती थी, वे अब शब्दों और वाक्यों को आत्मविश्वास के साथ पढ़ रहे हैं, जिससे उन्हें अत्यंत संतोष मिलता है।

 

मंत्री बैंस ने कहा कि अच्छे ढंग से पढ़ाने वाले शिक्षक उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भगवंत सिंह मान सरकार की शून्य-सहिष्णुता नीति दोहराते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि 500 से अधिक नामांकन वाले सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कैंपस मैनेजर और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं।

 

उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की कि मेहनती और कुशल शिक्षकों के अच्छे कार्यों को भी साझा किया जाए। झीता कलां स्कूल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां कैंपस और बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए गए हैं, स्कूल शानदार परिणाम दे रहा है और यहां के एक छात्र ने JEE भी पास किया है।

 

अंत में, हालिया परीक्षा परिणामों और बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण की सराहना करते हुए शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्कूलों में उच्चस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत चल रहे विकास परियोजनाओं की गति तेज करने के निर्देश दिए।

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