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ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ ਕ੍ਰਾਂਤੀ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਨਤੀਜੇ ਆਉਣ ਲੱਗੇ; ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਦੇ 305 ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੇ ਜੇ.ਈ.ਈ. ਮੇਨਜ਼ ਪਾਸ ਕੀਤਾ: ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ

चंडीगढ़, 21 फ़रवरी:

 

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री भਗवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में लगातार किए जा रहे सुधारों के परिणाम सामने आने लगे हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने पहली ही कोशिश में जॉइंट एंट्रेंस एग्ज़ाम (JEE) मेन्स-2026 पास करने में सफलता प्राप्त की है, जो पिछले साल के 187 सफल उम्मीदवारों की तुलना में 63 प्रतिशत की शानदार वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य की स्कूल शिक्षा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताया।

 

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब के पांच विद्यार्थियों ने भी यह कठिन परीक्षा पास की है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार योग्य विद्यार्थियों के लिए JEE एडवांस की तैयारी हेतु तीन सप्ताह का विशेष आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगी, ताकि अगले चरण के लिए उनका सही मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।

 

स. बैंस ने कहा, “यह उपलब्धि हमारे पूरे स्कूल शिक्षा विभाग के लिए बहुत गर्व की बात है। मैं अपने समर्पित शिक्षकों का दिल से धन्यवाद करता हूँ। हाल ही में आए JEE मेन्स फ़ेज़-1 के परिणामों ने पंजाब के सरकारी स्कूलों के शानदार प्रदर्शन की तस्वीर पेश की है, जिसमें 305 विद्यार्थियों ने प्रतियोगी इंजीनियरिंग परीक्षा पास की। यह उपलब्धि पिछले साल के 187 सफल उम्मीदवारों की तुलना में 63 प्रतिशत का उत्कृष्ट वृद्धि दर्शाती है। केवल एक वर्ष में इतना बड़ा मील का पत्थर स्थापित करना हमारी पंजाब शिक्षा क्रांति पहल की परिवर्तनशील क्षमता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हम अपनी प्रगति को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

 

इन विद्यार्थियों की सफलता की कहानियां साझा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्या, जो स्कूल ऑफ़ एमेनेन्स, टाउन हॉल, अमृतसर की 12वीं कक्षा नॉन-मेडिकल की छात्रा है, ने 98.182 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि वह केवल 1.5 लाख वार्षिक आय वाले गरीब परिवार से आती है। उसके पिता मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाते हैं और उसकी माता कपड़े सिलती हैं। मंत्री ने बताया कि वित्तीय अड़चनों के बावजूद, इंजीनियरिंग करने और अपने परिवार के आर्थिक स्तर को ऊँचा उठाने का उसका इरादा अडोल और अडिग रहा। स्कूल के पूर्ण समर्थन और अनुशासित तैयारी के कारण उसने शानदार सफलता प्राप्त की।

 

शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि बठिंडा के सरकारी स्कूल के विद्यार्थी दिलखुश झा ने JEE मेन्स में 95.091 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। एक मजदूर पिता और गृहिणी माता के परिवार से आने वाले इस मेहनती विद्यार्थी ने स्व-अध्ययन और पीएस क्लासेज़ के माध्यम से यह सफलता हासिल की।

 

उन्होंने कहा, “स्कूल ऑफ़ एमेनेन्स, संगरूर की 12वीं कक्षा की साइंस छात्रा प्रियंका शर्मा एक साधारण परिवार से आती है। उसके पिता अकाउंटेंट हैं और माता एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं। लगभग 3.5 लाख वार्षिक परिवारिक आय के बावजूद उसने पूरी अनुशासन और लगन से तैयारी की, पीएस क्लासेज़, नियमित मॉक टेस्ट और मजबूत अकादमिक मार्गदर्शन का लाभ लिया। उसके प्रयासों के परिणामस्वरूप JEE मेन्स में शानदार 96.44 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए, जबकि वह NEET की तैयारी भी कर रही थी।”

 

एक और सफलता की कहानी साझा करते हुए मंत्री ने कहा कि स्कूल ऑफ़ एमेनेन्स, छाजली संगरूर की 12वीं कक्षा की नॉन-मेडिकल छात्रा हरमंदीप शर्मा ऐसे परिवार से आती है जहाँ पिता अकाउंटेंट हैं और माता गृहिणी हैं, परिवार की वार्षिक आय लगभग 2.5 लाख है। इंजीनियरिंग करने की इच्छा रखने वाली इस होनहार छात्रा ने बिना किसी प्राइवेट ट्यूशन के स्कूल की सहायता और शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा पीएस लर्निंग का पूरा लाभ लेकर तैयारी की। उसकी अनुशासित तैयारी के कारण उसने JEE मेन्स में शानदार 98.75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अमृतसर के एक सरकारी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा पल्क कौर साधारण पृष्ठभूमि वाली है और अपने पिता को खोने के बाद कई निजी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उसकी परवरिश उसकी माता, जो गृहिणी हैं, द्वारा की गई। इस परिवार की वार्षिक आय 1,00,000 रुपये से भी कम है। वित्तीय तंगी और अन्य कठिनाइयों के बावजूद वह अपनी शिक्षा पर केंद्रित रही। उसके प्रयासों के परिणामस्वरूप JEE मेन्स में 90.11 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए।

 

उन्होंने आगे बताया कि SAS नगर के एक सरकारी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा काजल, जो सामान्य परिवार से संबंधित है और जिसके पिता एक निजी सुरक्षा कंपनी में सुपरवाइजर हैं तथा माता गृहिणी हैं, ने वित्तीय तंगी के बावजूद शिक्षा के प्रति अपना जुनून कभी नहीं खोया। वह IIT मद्रास से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहती है। उसने अच्छी तैयारी और अपने जुनून से JEE मेन्स 2026 में 92.66 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

 

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसी तरह SAS नगर के एक सरकारी स्कूल के 12वीं कक्षा के विद्यार्थी परदीप, जो सामान्य परिवार से संबंधित है और जिसके पिता वाटर कूलर फैक्टरी में मजदूर हैं तथा माता गृहिणी हैं, ने लगभग 1,20,000 वार्षिक आय के बावजूद अपने कठिन परिश्रम से JEE मेन्स 2026 में 93.11 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

 

इस सफलता का श्रेय पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों को जाता है, विशेषकर PACE कोचिंग पोर्टल जैसी पहलों को, जो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बिना कोई शुल्क लिए उच्च गुणवत्ता के साथ परीक्षाओं के लिए तैयार करती हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि हमारे पास और भी कई ऐसे मामले हैं, जिनमें साधारण पृष्ठभूमि वाले बच्चे IIT मद्रास, IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली और BITS पिलानी में पढ़ने का सपना देख रहे हैं।

 

शिक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अभी यह केवल परीक्षा के पहले चरण का परिणाम है और JEE मेन्स की अगली परीक्षा में यह संख्या और बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि अगली परीक्षा भी निकट है और मुझे विश्वास है कि हमारे ताजा आंकड़े और भी प्रभावशाली होंगे।

 

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जोर देकर कहा कि उपलब्धियों के मामले में पंजाब के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन अन्य किसी राज्य से कहीं बेहतर है। उन्होंने 305 विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को बधाई दी और शिक्षकों का धन्यवाद किया। उन्होंने इसे पंजाब की सरकारी स्कूल प्रणाली में एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया।

 

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि JEE परीक्षा क्वालिफाई करने वाली छात्राओं की संख्या में भी उत्कृष्ट वृद्धि हुई है और इस बार 134 लड़कियों ने परीक्षा पास की है, जो सरकारी स्कूलों में STEM शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती लैंगिक समानता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस सफलता का श्रेय PACE प्रोग्राम के तहत दो वर्षों की JEE तैयारी, गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों के दौरान मुफ्त आवासीय कोचिंग कैंप, नियमित मॉक टेस्ट, विद्यार्थियों की प्रगति का विश्लेषण, PACE पोर्टल के माध्यम से डिजिटल शिक्षा तक पहुँच और Avanti Fellow जैसी प्रमुख कोचिंग संस्थाओं की विशेषज्ञ फैकल्टी द्वारा प्रदान की गई करियर मार्गदर्शन को जाता है।

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