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भगवंत मान सरकार ने ‘नौकरी मांगने वालों’ को ‘नौकरी देने वालों’ में बदला; चंडीगढ़ में पहले दो दिवसीय विद्यार्थी उद्यमी कैंप की शुरुआत

चंडीगढ़, 1 मार्च:

 

भगवंत मान सरकार ने राज्य के युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला बनाने वाले पारंपरिक शिक्षा मॉडल को बदलते हुए उन्हें योजनाबद्ध तरीके से नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी दृष्टिकोण के तहत पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर के सरकारी आईटीआई और सरकारी पॉलिटेक्निकों से चुने गए 40 उच्च-क्षमता वाले युवा उद्यमियों के लिए महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एमजीसीपीए), चंडीगढ़ में पहला दो दिवसीय रेजिडेंशियल स्टूडेंट एंटरप्रेन्योरशिप बूटकैंप आयोजित किया गया।

 

यह केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक त्रैमासिक श्रृंखला की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य युवाओं के नेतृत्व में उद्यमों का सृजन करना है और यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब में तकनीकी शिक्षा सीधे तौर पर व्यवसाय वृद्धि, आय सृजन और स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करे।

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 322 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्यमशीलता मानसिकता/व्यवसाय पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिसमें 137 सरकारी आईटीआई और 26 सरकारी पॉलिटेक्निक शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक व्यावसायिक विचार भी विकसित करें।

 

वर्तमान में पंजाब भर में 36,139 छात्र—जिनमें 28,967 आईटीआई से और 7,172 पॉलिटेक्निक से हैं—केवल सैद्धांतिक रूप से उद्यमिता नहीं पढ़ रहे, बल्कि एक संरचित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सक्रिय रूप से व्यावसायिक विचारों पर काम कर रहे हैं। वे वास्तविक ग्राहकों की समस्याओं की पहचान कर रहे हैं, सेवाएं या उत्पाद डिजाइन कर रहे हैं, विचारों का परीक्षण कर रहे हैं, प्रोटोटाइप बना रहे हैं, ग्राहकों तक पहुंच बना रहे हैं और आय अर्जित कर रहे हैं।

 

पहले बूटकैंप के लिए 40 वास्तविक उद्यमियों की पहचान पहले ही की जा चुकी है, जो खुदरा व्यापार, पेशेवर सेवाएं, ई-कॉमर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म, इंजीनियरिंग सेवाएं, विनिर्माण और उत्पाद निर्माण जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। इन 40 युवा उद्यमियों में 20 सरकारी आईटीआई और 20 सरकारी पॉलिटेक्निक से हैं, जिन्हें कोर्स पूरा करने, असाइनमेंट की गुणवत्ता, व्यावसायिक विचारों की स्पष्टता, ग्राहक तक पहुंच, प्रोटोटाइप विकास, सेवा प्रदान करने और आय सृजन के आधार पर चुना गया है। ये युवा अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का, लुधियाना, बठिंडा, रूपनगर और एस.ए.एस. नगर सहित पूरे पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं।

 

गौरतलब है कि इस पहल से पहले ही आय अर्जित हो रही है। कुछ उद्यम परीक्षण चरण में हैं, जबकि कुछ युवा पेशेवर सेवाओं, खुदरा और उत्पाद-आधारित उद्यमों से प्रति माह 5,000 से 12,000 रुपये तक कमा रहे हैं। यह एक स्पष्ट व्यवहारिक बदलाव को दर्शाता है, जहां युवा प्रवेश-स्तर की नौकरियों का इंतजार करने के बजाय स्वयं का रोजगार सृजित कर रहे हैं।

 

उदाहरण के तौर पर, सरकारी आईटीआई मुक्तसर का एक युवा उद्यमी स्थानीय दुकानों और रेस्तरां को सीधे आपूर्ति करने वाला छोटा मशरूम उत्पादन व्यवसाय चला रहा है। सरकारी आईटीआई बठिंडा के एक अन्य युवा ने जैविक स्किनकेयर पहल शुरू की है, जो हस्तनिर्मित साबुन और हर्बल हेयर ऑयल बनाकर इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए उनकी मार्केटिंग कर रहा है। सरकारी आईटीआई (डब्ल्यू), एसएएस नगर (मोहाली) की एक कॉस्मेटोलॉजी छात्रा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक नेल स्टूडियो चला रही है। वहीं सरकारी आईटीआई लुधियाना का एक रेफ्रिजरेशन एवं एयर-कंडीशनिंग छात्र दुकान में निवेश करने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए एसी मरम्मत और रखरखाव सेवा चला रहा है। इसके अलावा ऑनलाइन ट्यूशन, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन रिटेल, सिलाई और डिजिटल कंटेंट निर्माण जैसे उद्यम भी शामिल हैं।

 

ये उदाहरण दर्शाते हैं कि कैसे भगवंत मान सरकार की सुधार-आधारित नीति के तहत तकनीकी कौशल को सीधे आजीविका और रोजगार के अवसरों में बदला जा रहा है। दो दिवसीय रेजिडेंशियल बूटकैंप इन उद्यमों को और सशक्त करेगा। पहले दिन डिजाइन थिंकिंग, वास्तविक समस्याओं की पहचान और बिजनेस मॉडल कैनवस के माध्यम से उद्यम सृजन पर ध्यान केंद्रित किया गया, जबकि दूसरे दिन बाजार में प्रवेश रणनीति, ग्राहक प्राप्ति, मार्केटिंग सामग्री और वित्तीय व्यवहार्यता पर फोकस किया गया।

 

यह बूटकैंप इनोवेशन मिशन पंजाब के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इसमें स्थापित उद्यमी युवाओं को व्यवसाय शुरू करने, उसे बनाए रखने और विस्तार करने से जुड़े व्यावहारिक अनुभव साझा करेंगे। इनमें सीएस सॉफ्ट सॉल्यूशंस इन्फोटेक के छोटू शर्मा, विज़न एआई के पुनीत जिंदल, डिजीवाह के बिपनजीत सिंह और नैचकिन की मनपिंदर कौर शामिल हैं।

 

सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्यमिता को शामिल कर और युवाओं को कक्षा से बाहर मार्गदर्शन प्रदान कर, भगवंत मान सरकार पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक संरचनात्मक बदलाव सुनिश्चित कर रही है। तकनीकी शिक्षा अब केवल प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह व्यवसाय स्वामित्व, आय सृजन और स्थानीय रोजगार निर्माण का माध्यम बन रही है।

 

यह पहल एक व्यापक नीति का संकेत है, जिसके तहत पंजाब के युवा केवल सीमित नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे, बल्कि अपने लिए और दूसरों के लिए अधिक से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।

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