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पंजाब के लोग 2027 में ‘आप’ को 100 सीटें देकर केंद्र में भाजपा के तानाशाही शासन के अंत की शुरुआत करेंगे: भगवंत सिंह मान

नई दिल्ली / पंजाब, 1 मार्च 2026:

 

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि अदालत का हालिया फैसला भारतीय राजनीति में सच्चाई की ऐतिहासिक जीत है और यह प्रमाण है कि ‘आप’ पार्टी एक राष्ट्रीय शक्ति के रूप में मजबूती से उभर कर सामने आई है।

 

सीधी राजनीतिक चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 में पंजाब इस तानाशाही शासन को परास्त करने के लिए ‘आप’ को कम से कम 100 सीटें दिलाएगा। उन्होंने कहा कि इस तानाशाही के खिलाफ जीत की शुरुआत पंजाब से होगी। 2027 को देशभर में बदलाव की शुरुआत बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस दिशा में पंजाब चलता है, पूरा देश उसी ओर बढ़ता है, क्योंकि पंजाब किसी भी तानाशाही को मुंहतोड़ जवाब देना जानता है।

 

जीएसटी बकाया रोके जाने और पंजाब के लिए घोषित 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत राशि जारी न किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस अन्याय का जवाब जनता अपने फैसले से देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी तरह की तानाशाही राजनीति पंजाब को दबा नहीं सकती और देशव्यापी जीत की शुरुआत पंजाब से ही होगी। यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है।

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी नेताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने हालिया अदालत के फैसले पर ‘आप’ की पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि यह दिन भारतीय राजनीति में सच्चाई की जीत के रूप में याद रखा जाएगा।

 

पार्टी के सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब ‘आप’ पर संकट आया, पार्टी और अधिक मजबूत होकर उभरी। जंतर-मंतर वही स्थल है, जहां से पार्टी का जन्म हुआ था। आज हमारे पास पूरे देश को यह बताने का अवसर है कि सच्चाई हमेशा सच्चाई ही रहती है।

 

नीतिगत बदलावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले जिन फैसलों का विरोध हुआ, बाद में वही लागू कर दिए गए और उन्हें “मास्टरस्ट्रोक” कहा गया। यही सच और झूठ का अंतर है।

 

पार्टी के संस्थापक सिद्धांतों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने राजनीति का एजेंडा बदला—स्कूल, अस्पताल, बिजली, रोजगार और बुनियादी ढांचे को केंद्र में लाया। केजरीवाल हमारे नेता हैं; उन्होंने दिखाया कि यदि 140 करोड़ नागरिक ठान लें, तो बदलाव ज़मीनी स्तर पर दिखाई देता है।

 

कार्यकर्ताओं से संदेश फैलाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकारी अस्पताल और स्कूल सुधरे, मुफ्त बिजली और दवाइयाँ मिलीं, बुनियादी ढांचा बढ़ा और बजट 300 करोड़ से 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा, तो विरोधियों को चुनावों में मुश्किल होने लगी। इसलिए साजिशें रची गईं और नेतृत्व को जेल भेजने की कोशिशें हुईं।

 

बार-बार अदालत की तारीखों से होने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार तारीख पर तारीख मिलना ही अपने-आप में सजा बन जाता है। कठिन दौर में भी पार्टी ने जालंधर उपचुनाव और एक और सांसद सीट बड़े अंतर से जीती, जिससे और मजबूती मिली।

 

स्वतंत्रता संग्राम का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ने गिरफ्तारी देकर आंदोलन को बल दिया, वैसे ही केजरीवाल ने भी जेल से न झुकने का संदेश दिया। पार्टी और मजबूत होकर राष्ट्रीय शक्ति बनी है।

 

केंद्र को स्पष्ट संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग किरायेदार हैं, मालिक नहीं। इस देश की मिट्टी में शहीदों का खून है; यह किसी की निजी जागीर नहीं।

 

पंजाब के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि अनाज हो, आज़ादी हो या सीमा की रक्षा—पंजाब हमेशा सबसे आगे रहा है। 2027 में भी पंजाब भारी बहुमत से जीत दिलाकर देश को बड़ा संदेश देगा।

 

अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि पंजाब सच्चाई के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। जहाँ भी अन्याय होगा, हम मजबूती से खड़े होंगे। यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। इंकलाब ज़िंदाबाद।

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