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भगवंत मान सरकार बेअदबी के खिलाफ लाई सबसे सख्त कानून, इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए उम्रकैद और 25 लाख रुपये का जुर्माना: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़, 13 अप्रैल:

आज विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पेश किए गए “जगत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल” के समर्थन में बोलते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने ‘बेअदबी’ के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक संशोधन लाने के लिए मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद किया।

इस संशोधन को भगवंत मान सरकार का एक ईमानदार प्रयास बताते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष पर लोगों को गुमराह करने की कोशिशों के लिए कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संशोधित बिल में ऐतिहासिक सजा का प्रावधान किया गया है, जिसमें बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक जुर्माने की व्यवस्था की गई है, तथा इस अपराध को पूरी तरह गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है।

अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री चीमा ने शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए राज्य में बेअदबी की घटनाओं के इतिहास को नकोदर कांड से जोड़ा। उन्होंने कहा कि बेअदबी की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की शुरुआत अक्सर तब हुई जब पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार सत्ता में थी।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “4 फरवरी 1986 को नकोदर में श्री गुरु अर्जन देव गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पांच स्वरूपों को अग्नि के हवाले किए जाने की घटना के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध कर रहे सिख युवकों पर पुलिस ने गोली चला दी थी। इस फायरिंग में भाई रविंदर सिंह (लित्तरां), भाई हरमिंदर सिंह (चुल्लेपुर), भाई बलधीर सिंह (रामगढ़) और भाई झिलमण सिंह (गोरसियां) सहित चार युवक शहीद हो गए थे। घटना के बाद जस्टिस गुरनाम सिंह आयोग का गठन किया गया था, लेकिन रिपोर्ट का दूसरा हिस्सा रहस्यमय ढंग से गायब हो गया।”

पिछली सरकारों की कार्रवाई की कमी को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि 1997 से 2002 और 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकारों तथा 2002 से 2007 तक कांग्रेस सरकार ने इस मामले में न्याय दिलाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नकोदर कांड में दोषी पाए गए अधिकारियों को बाद में महत्वपूर्ण पदों से नवाजा गया।

2015 की घटनाओं का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार ने सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की, जिसमें बहिबल कलां गोलीकांड के सबूतों से छेड़छाड़ भी शामिल है। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही और केवल विशेष जांच टीमें बनाकर रह गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में उनकी सरकार लोगों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में चालान भी पेश किए गए हैं।

विधानसभा संबोधन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इन मुद्दों पर शिरोमणि अकाली दल का इतिहास दागदार रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब के राज्यपाल जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए बिना देरी के इस बिल को मंजूरी देंगे।

उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर बेअदबी के खिलाफ ऐसा सख्त कानून क्यों नहीं बनाया।

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