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पंजाब में पोटाश के बाद अब प्राकृतिक गैस और तेल भंडारों की बड़ी संभावनाएं: बरिंदर कुमार गोयल

चंडीगढ़, 27 अप्रैल: पंजाब के खनन और भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज बताया कि पोटाश की खोज के बाद अब पंजाब में प्राकृतिक गैस और तेल भंडारों की बड़ी संभावनाएं हैं और राज्य सरकार इस दिशा में विशेष ध्यान दे रही है।

यह बात पंजाब के खनन और भू-विज्ञान मंत्री ने आज भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन डायरेक्टर जनरल ऑफ हाइड्रोकार्बन (डीजीएच) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मगसीपा में बैठक करने तथा प्रस्तावित सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए सहयोग मांगने के बाद कही। श्री अजय कुमार शर्मा (एचओडी, एनडीआर, डीजीएच) के नेतृत्व वाली इस टीम में श्री सुरेंद्र कुमार दास (डीजीएम, डीजीएच), श्री अनूप कुमार (कार्यकारी निदेशक, ओआईएल), श्री रत्नेश पांडे (सुपरिंटेंडिंग भू एवं भौतिक वैज्ञानिक, ओआईएल), श्री दुर्गेश दीप मिश्रा (पार्टी चीफ, एशियन एनर्जी सर्विसेज) और श्री चमन सिंह (सलाहकार, सिस्मिक ऑपरेशन, एशियन एनर्जी सर्विसेज) शामिल थे।

बैठक के दौरान राज्य में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज संबंधी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार ऑयल इंडिया लिमिटेड द्वारा प्राकृतिक तेल और गैस भंडारों की खोज के लिए 2डी सिस्मिक सर्वेक्षण किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक सलाहकार अनुसंधान समिति ने देशभर के उन अनछुए क्षेत्रों में व्यापक सर्वेक्षण की सिफारिश की है, जहां खनिजों और पेट्रोलियम भंडारों को लेकर अब तक कोई खोज नहीं हुई है।

श्री अजय शर्मा ने बताया कि मंत्रालय ने पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला जिलों सहित राजस्थान के बाड़मेर, सांचौर, जैसलमेर और बीकानेर-नागौर पट्टियों के साथ-साथ गंगा पट्टी और पंजाब से लगते क्षेत्रों में सर्वेक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब उप-पट्टन (सब-बेसिन) में लगभग 169 लाइन किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए बड़े स्तर पर 2डी सिस्मिक सर्वेक्षण किया जाएगा और इस पहल को “मिशन अन्वेषण” नाम दिया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पहला सर्वेक्षण वैज्ञानिक और अनुसंधान प्रकृति पर आधारित होगा तथा इसका उद्देश्य सटीक भू-विज्ञान संबंधी डेटा तैयार करना होगा।

श्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि यह पहल राज्य में तेल और गैस संसाधनों का पता लगाने के लिए न केवल खोज गतिविधियों को तेज करेगी, बल्कि एक व्यापक भू-विज्ञान डेटा बैंक तैयार करने में भी मदद करेगी, जिससे भारत की विदेशी ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और पंजाब सहित अन्य राज्यों के लिए आर्थिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे।

कैबिनेट मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार पंजाब के विकास के लिए इस सर्वेक्षण को समय पर पूरा कराने हेतु पूरा सहयोग देगी और राज्य के समग्र विकास तथा खुशहाली के लिए प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग हेतु हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेंगे, बल्कि पंजाब में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देंगे।

बैठक के दौरान खनन एवं भू-विज्ञान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जसप्रीत तलवाड़, निदेशक खनन श्री अभिजीत कपलिश, मुख्य अभियंता (खनन एवं ड्रेनेज) सरदार हरदीप सिंह मैंदीरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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