
रोपड़, 6 मई — पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पिछली सरकारों के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को बचाने वालों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने अब ऐतिहासिक “जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026” के जरिए बेअदबी के दोषियों के लिए सख्त कानूनी सजा सुनिश्चित कर दी है।
‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून बेअदबी के खिलाफ स्थायी रोक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पंजाब की शांति और भाईचारे को भंग करने की हिम्मत न करे। उन्होंने कहा, “मैं परमात्मा का आभारी हूं कि मुझे यह सेवा मिली कि मैं इस कानून को लागू कर सका, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांवों में इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाएं ताकि हर व्यक्ति को पता हो कि अब बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “सजा के डर से विपक्ष के बड़े नेता, जिनमें अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल भी शामिल हैं, पहले ही भाग रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में न तो बेअदबी रोकने के लिए कानून बनाने की इच्छा थी और न ही इच्छाशक्ति, जिसके कारण उस समय ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहीं। उन्होंने कहा, “अब ऐसा कानून बनाया गया है, जिससे इस घिनौने अपराध का हमेशा के लिए अंत होगा।” उन्होंने अकाली नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे निर्दोष लोगों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे।
नशे के मुद्दे पर अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “अकालियों पर पीढ़ियों की नस्लकुशी का मामला दर्ज होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने नशे के व्यापार को संरक्षण दिया।” उन्होंने कहा कि इन नेताओं के हाथ पंजाब के युवाओं के खून से रंगे हुए हैं, क्योंकि पिछले शासनकाल में सरकारी गाड़ियों के जरिए नशा सप्लाई किया गया।
उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों को कभी माफ नहीं किया जा सकता और पंजाब के लोग उन नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे जिन्होंने पीढ़ियों को बर्बाद किया।
अकाली दल की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने गुरबाणी के नाम पर वोट मांगे और साथ ही गुरु की वाणी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अकाली नेता अपने शासनकाल के विकास की बात करते हैं, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य घटनाओं को नजरअंदाज करते हैं, जहां बेअदबी हुई और निर्दोष लोगों की जान गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और माफिया को संरक्षण दिया, जिससे राज्य सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर हुआ। उन्होंने कहा कि अकालियों ने लोगों की भावनाओं के साथ खेला और माफिया को बचाया, जिससे पंजाब को भारी नुकसान हुआ।
सुखबीर सिंह बादल पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने जनता में अपना आधार पूरी तरह खो दिया है और अब रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए पैसे देकर लोगों को बुलाना पड़ता है। उन्होंने कहा, “हर अकाली रैली में वही चेहरे दिखाई देते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता कभी 25 साल तक शासन करने का दावा करते थे, उन्हें अब पंजाब के लोगों ने राजनीतिक रूप से हाशिए पर डाल दिया है। उन्होंने कहा कि अकाली नेतृत्व अवसरवादी है और राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपना रुख बदलता रहता है।
एक उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के लिए जिम्मेदार नेता एक बार श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए और अपनी गलती स्वीकार की, लेकिन बाद में अपने राजनीतिक हितों के कारण मुकर गए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इन नेताओं का असली चेहरा जानते हैं।
उन्होंने कहा कि जो नेता कभी अजेय माने जाते थे, आज उन्हें अपनी पार्टी के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने गैंगस्टरों और नशा तस्करों को संरक्षण दिया, जिससे युवाओं को नशे की ओर धकेला गया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि अकालियों ने बार-बार सत्ता में आने के बावजूद लोगों के साथ धोखा किया और अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया।
इस कानून की महत्ता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार खुद को भाग्यशाली मानती है कि उसे ऐसा ऐतिहासिक कानून पास करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की शांति और भाईचारे को बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा थीं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकेगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब हर सिख के लिए पिता के समान हैं और उसकी पवित्रता की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लोग इस कानून के लागू होने पर खुशी और आभार व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब से यह शुक्राना यात्रा शुरू की है और 9 मई तक तख्त श्री केशगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआना साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य परमात्मा का धन्यवाद करना है कि सरकार को यह महत्वपूर्ण कानून लागू करने का अवसर मिला। उन्होंने भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में जुटे लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि वह जनता की सेवा के लिए हमेशा समर्पित रहेंगे।








