
चंडीगढ़, 12 मई: Bhagwant Mann सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा के परिणामों में जहां 94.52 प्रतिशत का प्रभावशाली पास प्रतिशत दर्ज किया गया, वहीं मेरिट सूची में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और लड़कियों का बढ़ता दबदबा भी देखने को मिला। इस परीक्षा में 2,54,744 विद्यार्थी पास हुए। लड़कियों ने शीर्ष तीन स्थानों में से दो स्थान हासिल किए, जबकि सरकारी स्कूलों के 88 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में जगह बनाई। यह ‘आप’ सरकार द्वारा आधुनिक कक्षाओं, शिक्षक प्रशिक्षण और समान शैक्षणिक अवसरों पर दिए गए विशेष ध्यान का परिणाम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को घोषित 10वीं कक्षा के परिणामों में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के बच्चों में असीम प्रतिभा है और अब उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक मंच और बुनियादी ढांचा मिल रहा है।
विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हरलीन शर्मा, मनीमहेश शर्मा और रिया रानी ने क्रमशः 99.38 प्रतिशत, 99.23 प्रतिशत और 99.23 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इन विद्यार्थियों ने मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से यह सफलता हासिल की है। यह पूरे पंजाब के लिए गर्व का क्षण है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विद्यार्थी अन्य छात्रों और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तीनों विद्यार्थियों को अपनी पसंद की किसी भी स्ट्रीम में स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधा प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही उन्हें सम्मान स्वरूप 50,000 रुपये के चेक भी प्रदान किए गए।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूलों को अपग्रेड किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी नए आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। विद्यार्थियों ने कहा कि आईआईटी और जेईई कोचिंग तक मुफ्त पहुंच उपलब्ध कराना सामान्य परिवारों के छात्रों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।
इस मौके पर शिक्षा सचिव सोनाली गिरि सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पंजाब के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि हर बच्चे को समान अवसर मिल सकें।”
उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे देश-दुनिया में पंजाब का नाम रोशन करते रहें।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के मार्च 2026 के नतीजों के अनुसार कुल 2,69,505 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 2,54,744 विद्यार्थी पास हुए। लड़कियों का पास प्रतिशत 95.96 रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 93.23 दर्ज किया गया। अमृतसर जिले ने सबसे अधिक 98.41 प्रतिशत पास परिणाम हासिल किया, जबकि लुधियाना जिले ने सबसे ज्यादा मेरिट स्थान प्राप्त किए।
मेरिट सूची में कुल 272 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया, जिनमें 220 लड़कियां और 52 लड़के शामिल हैं। इनमें सरकारी स्कूलों के 88 विद्यार्थी भी शामिल रहे।
इसके अलावा 3,718 स्कूलों ने 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया, जिनमें 1,688 सरकारी स्कूल शामिल हैं। इन नतीजों को भगवंत मान सरकार की शिक्षा-केंद्रित नीतियों और सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।









