
श्री अकाल तख्त द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने पंजाब सरकार से कहा है कि बेअदबी रोधी प्रस्तावित कानून पर आगे चर्चा से पहले अकाल तख्त की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर अनुपालन रिपोर्ट सौंपी जाए। समिति ने कहा कि सरकार का 29 जुलाई का जवाब मूल आपत्तियों का समाधान नहीं करता।
राज्य सरकार के साथ ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए गठित समिति की पहली बैठक बृहस्पतिवार को हुई। समिति के अनुसार, कानून के कुछ प्रावधान सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप से जुड़े हैं।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने 29 जून को पंजाब सरकार को आपत्तियों पर एक महीने के भीतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। अकाल तख्त सचिवालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि सरकार का जवाब तथ्यों को स्पष्ट करने के बजाय मामले से बचने की कोशिश है। सचिवालय के अनुसार, 31 जुलाई को पंजाब विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रिमंडल के सदस्यों के समक्ष खालसा पंथ की चिंताएं रखी गई थीं। करीब एक सप्ताह पहले जत्थेदार गड़गज ने सरकार के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए सरकार से बातचीत के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित करने की घोषणा की थी।









