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उप नियंत्रक, उप प्रधान परीक्षक और परीक्षकों की जानकारी के लिए आवश्यक दिशा निर्देश

उप नियंत्रक, उप प्रधान परीक्षक और परीक्षकों की जानकारी के लिए आवश्यक दिशा निर्देश

उप नियंत्रक, उप प्रधान परीक्षक और परीक्षकों की जानकारी के लिए आवश्यक दिशा निर्देश

वाराणसी ।  वर्ष 2023 की हाई स्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षा के बाद अब 18 मार्च से क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी से जुड़े 55 मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन का कार्य शुरू होने वाला  है । मूल्यांकन के संबंध में बोर्ड द्वारा उप नियंत्रक, उप प्रधान परीक्षक और परीक्षकों की जानकारी के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भेजे जा चुके हैं । माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव राम अवतार यादव ने बताया कि शुचितापूर्ण , शुद्ध और त्रुटि विहीन मूल्यांकन करना बोर्ड का उद्देश्य है । नब्बे प्रतिशत से अधिक और शून्य अंक देने वाले परीक्षक की कापियों की जांच उप प्रधान परीक्षक द्वारा पुनः कराईं जाएगी । स्वच्छ और सुन्दर लिखावट पर परीक्षार्थी को एक अंक अतरिक्त दिया जाएगा । यह अंक प्रदान करते समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि परीक्षार्थी का कुल प्राप्तांक , प्रश्न पत्र के पूर्णांक से अधिक न हो जाए । परीक्षकों को स्टेप बाई स्टेप मार्किंग करना अनिवार्य होगा । उद्दाहरण के तौर पर यदि कोई उत्तर तीन स्टेप में पूर्ण हो रहा है और  उसमें से परीक्षार्थी ने एक स्टेप गलत किया है और दो स्टेप सही किया है तो उसे दो सही स्टेप के अंक दिए जाएंगे । प्रश्नों के सही हल पर एस का चिन्ह लगाया जाएगा । गलत उत्तर वाले प्रश्न पर क्रास का चिन्ह लगाया जाएगा और उस पर शून्य अंक अंकित किया जाएगा । हाई स्कूल के परीक्षक को एक दिन में अधिकतम 50 और इंटरमीडिएट के परीक्षक को अधिकतम 45 कापियां जांचना है । मूल्यांकन कार्य की शुरुआत पहले दिन उप प्रधान परीक्षकों द्वारा आदर्श उत्तर पुस्तिका के रूप में  20 कापियों का मूल्यांकन करके किया जाएगा । इन आदर्श मूल्यांकित कापियों को उप प्रधान परीक्षक अपने अधीनस्थ परीक्षकों को दिखाएगा । इसके बाद परीक्षकों से कापियों का मूल्यांकन कराया जाएगा ।

उप सचिव रामअवतार सिंह यादव ने बताया कि प्रति दिन जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नियुक्त दो सदस्यीय अंकेक्षण टीम जांची गई कापियों की 15 प्रतिशत रैण्डम चेकिंग करेगी । परीक्षक द्वारा    आधा प्रतिशत त्रुटि करने पर 25 प्रतिशत , एक प्रतिशत त्रुटि करने पर 50 प्रतिशत और दो प्रतिशत त्रुटि करने पर 85 प्रतिशत की कटौती उसके पारिश्रमिक में से कर दी जाएगी ।  दो प्रतिशत त्रुटि वाले परीक्षक को तीन साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा ।  इस बार मूल्यांकन शुरू होने से पूर्व उप नियंत्रक , उप प्रधान , परीक्षक का प्रशिक्षण कराया जाना है । क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी द्वारा उप नियंत्रको का  प्रशिक्षण राजकीय क्वींस कालेज वाराणसी में 16 मार्च को दिन में 11 बजें से कराया जाएगा । प्रशिक्षण में 15 जिलों के उप नियंत्रक भाग लेंगे। प्रशिक्षण लेने के बाद उप नियंत्रक अपने जिले में जाकर उप प्रधान परीक्षक और परीक्षकों को प्रशिक्षण देंगे ।

ब्यूरो रिपोर्ट जी.पी. गुप्ता

 

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