
फिरोजपुर-एक तरफ राज्य सरकार द्वारा हुसैनीवाला को जाने वाली रोड़ के सौंदर्यीकरण के लिए के लिए खूब दावे किए जा रहे है, तो वहीं ट्रैचिंग ग्राऊंड से कचरा जलाने के बाद निकलने वाला धूंआ सैलानियों पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। राज्य में पराली के आग से ज्यादा खतरनाक गैसे शहर की गंदगी के डंप पर लगने वाली आग के धुंए से निकल रही है, जोकि आसपास के ग्रामीणों में बीमारियां फैला रही है। सब कुछ जानते हुए भी उच्चाधिकारी मूकदर्शक बनकर पूरे खेल को देख रहे है और इसका स्थाई समाधान निकालने में बेबस दिख रहे है। हालात इस कद्र बदत्तर बने हुए है कि शाम ढलते हुए कुछ लोगों द्वारा कचरा खपाने के लिए आग लगा दी जाती है और पूरी रात लोगों को अपने घरों के दरवाजे बंद करके रहना पड़ता है और राहगिरों के लिए आधा किलोमीटर का रास्ता पार करना मुश्किल हो जाता है। ट्रैचिंग ग्राऊंड से मात्र 500 मीटर की दूरी पर बस्ती सुनवाए खुह बुजेवाला, खुह कलाल वाला, कैलीवाल, सूबा कदीम, खिलची कदीम सहित अन्य आधा दर्जन से ज्यादा बस्तिया और गांव लगते है, जहां पर दस हजार से ज्यादा लोगा निवास करते है। उसी तरह इस सडक़ पर शहर के प्रमुख स्कूलों के अलावा धार्मिक सत्संग भवन भी स्थित है।
जिले के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हुसैनीवाला में रिट्रीट सैरामनी देखने क लिए जाने वाले सैलानी यहीं से गुजरते है। कचरे की आग से निकलने वाला धुंआ सैलानियों पर पूरी तरह से बुरा प्रभाव डालता है। स्थानीय निवासी दर्शन सिंह ने कहा कि ट्रैचिंग ग्राऊंड आसपास के लोगो में बीमारिया फैला रहा है। उन्होंने बताया कि इसके बारे में डिप्टी कमिश्नर के अलावा कैंटोनमेंट सीईओ सहित सैन्य अधिकारियो का शिष्टमंडल द्वारा ज्ञापन सौंपा जा चुका है और हर बार उन्हें आश्वासन देकर भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशो पर एक तरफ पुलिस द्वारा खेतो में पराली जलाने वाले किसानो पर मामले दर्ज किए जा रहे है, जबकि ट्रैचिंग ग्राऊंड में कचरा जलाकर बीमारिया फैलाने वालो पर पुलिस का भी कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यहां से ट्रैंचिंग ग्राऊंड शिफ्ट करने पर कड़ा कदम उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री के दरबार में भी पहुंच चुका मामला इस मामले को दो वर्ष पहले शहीद भगत ङ्क्षसह राजगुरू सुखदेव मैमोरियल सोसायटी द्वारा पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भगत सिंह मान से भी अपील की थी कि इस कचरे की डंपिंग को हटवाया जाए ताकि सडक़ का सौंदर्यीकरण हो। वहीं स्थानीय लोगों द्वारा इस सम्बंध में हस्ताक्षर अभियान चलाकर भी उच्चाधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका है। (एचडीएम)









