14 माह में पहली बार आरबीआई की हद से निकली खुदरा महंगाई

नई दिल्ली
खाने-पीने की चीजें महंगी होने से अक्तूबर महीने में रिटेल महंगाई दर बढक़र 6.21 फीसदी पर पहुंच गई, जो इससे पिछले महीने यानी सितंबर में 5.49 फीसदी थी। यह महंगाई का 14 महीनों का उच्चतम स्तर है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ऐसा मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं के दाम बढऩे के कारण हुआ है। इस तरह खुदरा महंगाई 14 महीने बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर के ऊपर निकल गई है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत (दो प्रतिशत घट-बढ़) पर रखने की जिम्मेदारी दी हुई है। महंगाई बढऩे से आरबीआई के ब्याज दरों में कटौती की संभावना एक बार फिर क्षीण हो गई है। आरबीआई ने पिछले महीने नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा था।
महंगाई की बास्केट में लगभग 50 फीसदी योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है। इसकी महंगाई महीने-दर-महीने आधार पर 9.24 फीसदी से बढक़र 10.87 फीसदी हो गई है। वहीं ग्रामीण महंगाई 5.87 फीसदी से बढक़र 6.68 फीसदी और शहरी महंगाई 5.05 फीसदी से बढक़र 5.62 फीसदी हो गई है।








