
तरन तारन, 7 मई 2026: भगवंत सिंह मान ने आज अकालियों के कार्यकाल के दौरान हुई ‘बेअदबी’ की घटनाओं को लेकर शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अकाली नेताओं ने सिख संगत को इंसाफ दिलाने के बजाय आरोपियों को बचाकर रखा। गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुद्धा साहिब में माथा टेकने के बाद पट्टी में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कभी दावा करते थे कि वे 25 साल तक पंजाब पर राज करेंगे, आज वे अपनी बैठकों के लिए 25 लोगों को भी इकट्ठा नहीं कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली खुद ‘बेअदबी’ की घटनाओं में शामिल रहे हैं, इसलिए उन्होंने कभी ऐसा कानून नहीं बनाया। लोग, खासकर माझा क्षेत्र के लोग, उन्हें बाबा नानक का अनुयायी समझकर वोट देते रहे, लेकिन उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करके ‘बाणी’ का घोर अपमान किया। उन्होंने कहा कि अकाली सरकार के समय न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही किसी आरोपी की पहचान हुई, जबकि पुलिस केवल यह कहती रही कि आरोपी अज्ञात हैं।
इस कानून को लेकर विपक्ष के रुख पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया इस कानून से खुश है, लेकिन शिरोमणि कमेटी को नियंत्रित करने वाला एक परिवार इससे नाराज है और कह रहा है कि पंथ इस कानून को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने कहा कि उन्हें तो इस कानून के लागू होने का स्वागत करना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा घिनौना अपराध करने की हिम्मत न करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गुरु साहिब के आशीर्वाद और उनकी दी हुई शक्ति व समझ का परिणाम है कि सरकार यह कानून लागू कर सकी, जिसका लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे परमात्मा का धन्यवाद करने आए हैं, जिन्होंने उनकी सरकार को ‘बेअदबी’ के खिलाफ कानून बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने कहा कि देशभर के कई प्रमुख वकीलों से सलाह लेने के बाद राज्य सरकार ने बेहद मजबूत और प्रभावी कानून तैयार किया है, जिससे कोई भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने की हिम्मत नहीं करेगा। यदि कोई भविष्य में ऐसा अपराध करता है तो उसे उम्रकैद तक जेल में रहना पड़ सकता है।
सरहदी इलाकों के विकास पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार माझा क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं रहने देगी। नए स्कूल और अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षक और डॉक्टर सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्यूटी करने से कतराते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है।
सरकारी सेवाओं में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा कानून बनाया है जिसके तहत सरकारी शिक्षकों और डॉक्टरों को नौकरी पक्की होने से पहले कम से कम दो साल सीमावर्ती क्षेत्रों में सेवा देनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और “रंगला पंजाब” बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं। राज्यभर में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां मुफ्त इलाज मिल रहा है, सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाया जा रहा है, 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, शहरों को स्वच्छ बनाया जा रहा है, सीवरेज सिस्टम अपग्रेड किए जा रहे हैं और हर परिवार को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का इलाज मिल सकता है।
किसानों के समर्थन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दिन में मुफ्त बिजली दी जा रही है। राज्य सरकार ने लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई हैं और नहरों व जलमार्गों को पुनर्जीवित किया है ताकि पंजाब का पानी हर खेत और अंतिम छोर तक पहुंच सके।









