
अमृतसर, 7 मई: चार दिवसीय “शुक्राना यात्रा” आज दूसरे दिन पवित्र नगरी अमृतसर पहुंची। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार “लोक सेवा की राजनीति” कर रही है, जबकि दूसरी तरफ भाजपा “पंजाब विरोधी राजनीति” खेल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल चार वर्षों में मुफ्त बिजली, 65,000 सरकारी नौकरियां, खेतों तक नहरी पानी, 10 लाख रुपये की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और महिलाओं के लिए मासिक सम्मान राशि जैसी सुविधाएं दी हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्र में बैठी भाजपा बार-बार पंजाब विरोधी फैसले लेकर पंजाबियों के साथ धोखा कर रही है।
किसान आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और कहा कि पंजाब उन लोगों को कभी माफ नहीं करेगा जिन्होंने अन्नदाता की आवाज को कुचलने की कोशिश की और राज्य के अधिकारों, संसाधनों तथा पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया।
“शुक्राना यात्रा” के दूसरे दिन रैया और अन्य स्थानों पर जनसभाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा की पंजाब विरोधी मानसिकता कई बार सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत हुई, पंजाब की झांकियों को रोकने की कोशिशें की गईं, बीबीएमबी के जरिए पंजाब के पानी को जबरन हरियाणा को देने के प्रयास हुए, पंजाब यूनिवर्सिटी को छीनने की साजिश रची गई, चंडीगढ़ पर कब्जा करने की कोशिशें हुईं और आम आदमी क्लीनिकों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नफरत और विभाजन की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि अकाली दल और भाजपा के बीच कोई नया गठबंधन बनता है तो यह एक बार फिर साबित करेगा कि दोनों पार्टियां “एक ही सिक्के के दो पहलू” हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा गठबंधन दोबारा बना तो यह पंजाब के लिए घातक होगा, क्योंकि यह गठबंधन पंजाबियों की भलाई के बजाय केवल राजनीतिक अस्तित्व और स्वार्थ से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “यह अपवित्र गठबंधन पंजाब विरोधी है और दोनों पार्टियां अंततः एक-दूसरे को राजनीतिक रूप से खत्म कर देंगी।”
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को अब न्यूनतम 10 वर्ष की कैद होगी, जो उम्रकैद तक बढ़ सकती है, साथ ही 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली सरकारें पहले इतना सख्त कानून क्यों नहीं बना सकीं, क्योंकि उनकी नीयत में खोट था। मुख्यमंत्री ने कहा, “ये सरकारें खुद बेअदबी की घटनाओं की दोषी हैं और इन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे श्रद्धालुओं पर गोली चलाने के आदेश तक दिए थे।” उन्होंने आरोप लगाया कि गोलीबारी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बाद में इनाम और पदोन्नति दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल और बादल परिवार आज राजनीतिक रूप से बिखर चुके हैं क्योंकि “परमात्मा की अदालत में न्याय होता है।” लोगों के लगातार प्रेम और समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस के संदिग्ध राजनीतिक चरित्र के कारण उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने अकालियों पर धर्म और धार्मिक संस्थाओं को राजनीतिक लाभ के लिए नियंत्रित करने का आरोप लगाया और कहा कि धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी सीधे बादल परिवार के इशारों पर नियुक्त किए जाते हैं।
धार्मिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से शिरोमणि कमेटी के चुनाव नहीं हुए हैं। उन्होंने पूछा कि इतने लंबे समय तक चुनाव न होने के बावजूद ऐसी संस्थाएं खुद को संवैधानिक संस्था कैसे कह सकती हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हरजिंदर सिंह धामी को खुद को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का सिपाही कहना चाहिए, लेकिन वे खुद को सुखबीर बादल का सिपाही बता रहे हैं।” उन्होंने कहा कि केवल बादल परिवार ही बेअदबी विरोधी कानून का विरोध कर रहा है, जबकि बड़ी संख्या में सिख संगत ने इसे पूरे दिल से स्वीकार और समर्थन दिया है।
मुख्यमंत्री ने अकाली दल के विधायक की पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान गैरहाजिरी पर भी सवाल उठाया, जिसमें बेअदबी विरोधी कानून पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि अकाली दल बहस से इसलिए भाग गया क्योंकि उनके अपने शासनकाल के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा, “इस सख्त कानून के लागू होने के बाद अब कोई भी बेअदबी करने की हिम्मत नहीं करेगा।” उन्होंने कहा कि परमात्मा ने उन्हें यह पवित्र सेवा सौंपी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरी मानवता के साझा गुरु हैं और विश्व भाईचारे के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महान गुरु साहिबानों की शिक्षाएं मानवता और विश्व कल्याण का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि बेअदबी करने वाले को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि बेअदबी की सजा न्यूनतम 10 वर्ष की कैद से लेकर उम्रकैद तक और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की होगी।
पंजाब सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे वर्ष 2022 में जनता द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुफ्त इलाज के लिए पूरे पंजाब में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, विश्वस्तरीय सरकारी स्कूल बनाए जा रहे हैं, 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, सीवरेज सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है, अस्पतालों का आधुनिकीकरण हो रहा है और हर परिवार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का इलाज प्राप्त कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसानों को दिन के समय मुफ्त बिजली मिल रही है, जबकि लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई हैं और नहरों को पुनर्जीवित किया गया है ताकि पंजाब के हर खेत तक पानी पहुंच सके।
अमृतसर दक्षिणी और पूर्वी विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब विरोधी ताकतें समाज में नफरत के बीज बोने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “पंजाब की धरती उपजाऊ है, लेकिन यहां नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल लोगों में डर और भय फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब की सांप्रदायिक सद्भावना और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और विभाजनकारी राजनीति से इसे कमजोर नहीं किया जा सकता। “शुक्राना यात्रा” को आध्यात्मिक यात्रा बताते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा ने उन्हें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान में बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून बनाने की शक्ति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का कोई राजनीतिक संबंध नहीं है और इसका उद्देश्य केवल गुरु साहिब का धन्यवाद करना है कि परमात्मा ने उन्हें सख्त कानून लाने का अवसर दिया। अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्यभर में शांति, प्रगति और खुशहाली के लिए लगातार काम करती रहेगी।









