
चंडीगढ़, 7 मई 2026: कपूरथला जिले में भगवंत मान सरकार की नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के तहत नशीले पदार्थों की बरामदगी में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जिला पुलिस द्वारा की गई लगातार और सख्त कार्रवाई को दर्शाती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 मार्च 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक कपूरथला पुलिस ने 30.4 किलोग्राम हेरोइन बरामद की, जबकि अभियान शुरू होने से पहले की अवधि (1 जनवरी 2024 से 28 फरवरी 2025) के दौरान 10.6 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। यह 187 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है।
इसी अवधि के दौरान भुक्की की बरामदगी 170 किलोग्राम से बढ़कर 452 किलोग्राम से अधिक हो गई, जो 166 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं अफीम की बरामदगी 6.845 किलोग्राम से बढ़कर 11.517 किलोग्राम हो गई, जो 68 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
नशीली गोलियों और कैप्सूलों की बरामदगी भी 38,327 से बढ़कर 72,480 हो गई, जो लगभग 89 प्रतिशत की वृद्धि है। इसके अलावा, चरस और आइस की बरामदगी, जो पहले लगभग न के बराबर थी, अब इस विशेष अभियान के दौरान दर्ज की गई है।
बरामदगियों के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई में भी तेज़ी आई है। अभियान के दौरान कपूरथला पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 1498 एफआईआर दर्ज कीं और 1867 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछले समय में 376 मामले दर्ज हुए थे और 481 गिरफ्तारियां हुई थीं। यह क्रमशः 298 प्रतिशत और 288 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्शाता है।
जानकारी साझा करते हुए कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने कहा, “पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम ने नशीले पदार्थों के खिलाफ केंद्रित और तीव्र कार्रवाई को संभव बनाया है। बरामदगियों में यह उल्लेखनीय वृद्धि कपूरथला पुलिस के लगातार प्रयासों को दर्शाती है, जो सप्लाई चेन तोड़ने और हर स्तर पर नशा तस्करी को रोकने के लिए किए जा रहे हैं।”
अधिकारियों ने बताया कि बरामदगियों और कार्रवाई में बढ़ोतरी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार चलाए जा रहे खुफिया जानकारी आधारित अभियानों का परिणाम है। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य संगठित नशा नेटवर्क को तोड़ना, अंतरराज्यीय संबंधों की पहचान करना और बार-बार अपराध करने वालों को निशाना बनाना है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तस्करों और उनकी आर्थिक संपत्तियों दोनों को निशाना बनाने वाली यह दोहरी रणनीति नशे के नेटवर्क को लंबे समय के लिए खत्म करने में बेहद अहम है।
उन्होंने कहा, “यह अभियान एक निरंतर मिशन के रूप में चलाया जा रहा है। नशे की बुराई को खत्म करने और पंजाब के युवाओं की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।”
‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान में आर्थिक कार्रवाई का मजबूत पहलू भी शामिल है, जिसका उद्देश्य नशा नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है।
कपूरथला पुलिस ने 48 मामलों में कार्रवाई शुरू की है, जिनमें नशा गतिविधियों से जुड़ी 9.10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से 8.60 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त और फ्रीज करने के आदेश पहले ही प्राप्त किए जा चुके हैं।









