
अमृतसर, 7 मई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेककर ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026’ लागू करने की समझ और शक्ति देने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा की रक्षा हेतु ऐतिहासिक कदम बताया।
श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका हृदय परमात्मा के प्रति कृतज्ञता से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सौभाग्यशाली है कि उसे यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं और उनकी मर्यादा बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026’ यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषियों को उदाहरणात्मक सजा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता को तोड़ने की गहरी साजिश का हिस्सा थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून इतनी समझदारी और सख्ती से तैयार किया गया है कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि देश के प्रसिद्ध कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद इस कानून का मसौदा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून ऐसी घटनाओं के खिलाफ मजबूत व्यवस्था के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दुनिया भर के लोगों और सिख संगत ने पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “जहां पूरी सिख संगत ने इस कानून का स्वागत किया है, वहीं शिरोमणि कमेटी के आकाओं ने इसका विरोध किया है क्योंकि बेअदबी से जुड़ी घटनाओं में वे स्वयं शामिल रहे हैं।”
चार दिवसीय “शुक्राना यात्रा” का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे इस ऐतिहासिक कानून को पारित करने की शक्ति और समझ देने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करने निकले हैं। उन्होंने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई यह यात्रा 9 मई तक जारी रहेगी और इसके दौरान वे तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में मत्था टेकेंगे।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य परमात्मा का धन्यवाद करना है, जिन्होंने मानवता और पंजाब की सेवा के लिए यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री ने तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंची संगत का दिल से आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबभर की संगत इस यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत कर रही है क्योंकि पहली बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून तैयार किया गया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब कैबिनेट और पंजाब विधानसभा दोनों ने सर्वसम्मति से इस कानून को मंजूरी दी है।









