मजदूर के शव को रेहड़ी में अस्पताल ले गई पुलिस

फरीदकोट-फरीदकोट रेलवे स्टेशन के पास एक प्रवासी मजदूर की मौत हो जाने की खबर है। इस घटना की जानकारी जब रेलवे पुलिस फरीदकोट को मिली, तो उन्होंने प्रवासी मजदूर के शव को एंबुलेंस पर ले जाने की बजाय मेडिकल अस्पताल तक रेहड़ी पर ले गई और इस रेहड़ी को भी धक्का देते मृतक के छोटे-छोटे मासूम बच्चों को देखा गया। जानकारी के मुताबिक दिनेश बिंद काफी समय से फरीदकोट की जोतराम कॉलोनी में रह रहा है और उसके पांच बच्चे हैं। मृतक दिनेश बिंद के परिजन निर्बोध गोबिंद और गौतम ने बताया कि दिनेश बिहार का रहने वाला है और फरीदकोट में काफी अर्से से परिवार समेत रह रहा था। उन्होंने बताया के शराब ज्यादा पीने के कारण कई बार घर भी नहीं आता था और सोमवार रात को भी यह घर नहीं आया।
उन्होंने बताया कि इस घटना की सूचना मिलने के बाद वे लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। रेलवे स्टेशन के एसएचओ कुलदीप चंद ने कहा कि प्रवासी मजदूर दिनेश बिन की काफी समय पहले मौत हो गई थी और समय पर एंबुलेंस नहीं मिली, जिसके कारण उसके शव को इस तरह पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। एंबुलेंस का इंतजार करते तो शव के खराब होने का खदशा था। दिनेश बिंदा का पोस्टमार्टम बुधवार को गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल हॉस्पिटल में किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दिनेश बिंदा पिछले कुछ दिनों से अपने घर नहीं जा रहे थे और मरने से पहले उन्होंने काफी शराब पी थी। स्वास्थ्य विभाग पंजाब और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसके शव को जीवित व्यक्ति के समान ही सम्मान दिया जाना चाहिए।








