मेट को काम से निकालने पर आगबबूला, मनरेगा वर्कर्स यूनियन ने बीडीपीओ को सौंपा ज्ञापन

तलवाड़ा-मनरेगा वर्कर्स यूनियन की स्थानीय इकाई ने अपनी मनरेगा से संबंधी मांगों व राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते मनरेगा मेटों को काम से निकालने के विरोध में बीडीपीओ तलवाड़ा को ज्ञापन सौंपा। ब्लॉक तलवाड़ा से एकत्रित हुए विभिन्न गांवों से आए श्रमिकों व साथियों ने कहा कि वे लंबे समय से गांवों के विकास के लिए वह काम कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से मनरेगा अधिनियम 2005 के तहत मनरेगा श्रमिकों को एक वर्ष में कम से कम 100 दिन काम नहीं मिल रहा है। जबकि अधिनियम के अनुसार न तो प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध है और न ही काम के दौरान उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
वही काम करना के दौरान चोट लगने या मृत्यु होने पर मनरेगा मजदूरों को मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है। मनरेगा वर्कर्स यूनियन पंजाब के राज्य संयोजक दीपक होशियारपुर और पंचायत यूनियन तलवाड़ा के अध्यक्ष नवल किशोर मेहता ने मांग की कि मनरेगा वर्कर्स को 100 दिन का गारंटीड रोजगार दिया जाए और पंचायतों का सारा काम ही मनरेगा के जरिए करवाया जाए। उन्होंने पंचायत चुनाव के बाद गांवों में उभरी गुटबाजी के कारण लंबे
समय से कार्यरत मनरेगा कर्मियों को बर्खास्त किए जाने की कड़ी निंदा की।








