AI के अखाड़े में उतरने की तैयारी कर रहा भारत, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिए संकेत

नई दिल्ली-एआई के अखाड़े में भारत भी उतरने की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऐसे संकेत दे दिए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत खुद का जेनरेटिव एआई मॉडल बना रहा है। खास बात है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब दुनिया में चीन में बनकर तैयार हुए डीपसीक को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वहीं, खबरें यह भी हैं कि ओपन एआई के सीईओ सैम अल्टमैन भारत आ सकते हैं। उत्कर्ष ओडिशा कॉन्क्लेव के दौरान वैष्णव ने ऐलान किया है कि भारत अपना खुद का जेनरेटिव एआई मॉडल बनाने के लिए तैयार है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एआई डेटा सेंटर ओडिशा में स्थापित किए जा रहे हैं। इसे एआई कमप्यूट फैसिलिटी की तरफ से संचालित किया जाएगा। इसने भारत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एलएलएम यानी लार्ज लैंग्वेज मॉडल विकसित करने के लिए 18 हजार जीपीयू हासिल कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि 18 हजार जीपीयू के साथ भारत स्वदेशी एआई मॉडल बनाने की राह में है, जो देश की भाषाई, आर्थिक और सामाजिक जरूरत को पूरा करेगा। खास बात है कि भारत सरकार स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शासन, शिक्षा और आर्थिक सेवाओं में एआई का इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है।








