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महाकुंभ भगदड़ पर घेरी सरकार, अखिलेश ने संसद में पूछा…तो क्यों छिपाए जा रहे आंकड़े

 नई दिल्ली-राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर संसद में मंगलवार को दूसरे दिन की चर्चा में भी महाकुंभ में भगदड़ का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। लोकसभा में जहां समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला तीखा हमला बोला,वहीं राज्यसभा में विपक्ष ने सरकार को प्रयागराज की घटना पर घेरने का प्रयास किया और सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगारी और सांप्रदायिक तनाव बढऩे का आरोप लगाया। दरअसल लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने चर्चा की शुरुआत की। सपा अध्यक्ष ने कहा कि मैंने महाकुंभ हादसे पर दो मिनट मौन की मांग की। स्पीकर ने इससे इनकार कर दिया। अगर सत्ता पक्ष के मन में अपराध बोध नहीं है, तो आंकड़े छिपाए क्यों जा रहे हैं। डिजिटल कुंभ कराने वाले मृतकों की मौत की डिजिट नहीं बता पा रहे हैं। खोया-पाया केंद्र ही नहीं मिल रहा है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि वहां (महाकुंभ में) लोगों के चप्पलें-जूते और कपड़े बिखरे थे।

यूपी के सीएम ने दुख नहीं प्रकट किया, जब सब जगह मौतों की बात आ गई तो उन्होंने 17 घंटे बाद इसे बताया। महाकुंभ भगदड़ पर अखिलेश यादव ने कहा कि प्रयागराज में लाशें पड़ी रहीं और फूल बरसाए जा रहे थे, ये शर्मनाक बात है। जेसीबी से लाशें हटाई गईं। सरकार बताए लाशें कहां फेंकी गई हैं। कुंभ हादसे के लिए जिम्मेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए। महाकुंभ में डबल इंजन सरकार फेल हो गई। महाकुंभ में व्यवस्थाएं सेना के हवाले कर देनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के दोनों इंजन आपस में टकरा रहे हैं और महाकुंभ त्रासदी पर सर्वदलीय बैठक में चर्चा कराने की मांग की। श्री यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए अध्यक्ष ओम बिडला से मांग की कि चर्चा पूरी होने के बाद सदन में दो मिनट तक महाकुंभ में भगदड़ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाए। उन्होंने सत्तापक्ष द्वारा इस पर आपत्ति किए जाने पर कहा कि जिनको इससे तकलीफ हो रही है, उन्हें मौतों से दुख होना चाहिए।

15 हजार लोगों की शिकायत, नहीं मिल रहे परिजन

महाकुंभ को लेकर संसद में बवाल के बाद अब समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने एक और बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि 15 हजार लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उनके परिवार के लोग नहीं मिल रहे हैं। महाकुंभ में आए हजारों लोगों के परिजन लापता हो गए हैं। वहीं सरकार कोई भी जानकारी देने से इनकार कर रही है। उन्होंने कहा कि 1954 के प्रयाग कुंभ में भगदड़ के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संसद में बताया कि कितने लोग घायल हुए हैं और कितने लोग मारे गए हैं। यादव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ का पूरा अमला केवल वीआईपी लोगों को सुविधाएं देने में व्यस्त था। उन्हें आम आदमी की कोई फिक्र ही नहीं थी। वहीं आम आदमी चाहे डूब जाए या मर जाए।

सनातन धर्म के खिलाफ ली गई है सुपारी

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के तीखे हमले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है। सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े का नाम लेकर सीएम योगी ने जबरदस्त हमला किया। प्रयागराज में मीडिया से बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खडग़े और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान न केवल इनके सनातन विरोधी चरित्र को उजागर करता है, बल्कि इनकी उस गिद्ध दृष्टि की ओर भी सभी का ध्यान आकर्षित करता है, जो लगातार महाकुंभ को लेकर पहले दिन से दुष्प्रचार कर रहे हैं। उनका यह बयान न केवल सनातन धर्म पर प्रहार है, बल्कि निंदनीय भी है और शर्मनाक भी है। लोग सनातन धर्म के खिलाफ सुपारी लेकर साजिश कर रहे हैं, इनकी साजिश कामयाब नहीं होगी। 29 जनवरी की साजिश की तह तक जाएंगे। साजिश करने वालों को बेनकाब करेंगे। साजिश करने वालों को सजा कैसे दिलाई जाती है, सब ने पहले भी देखा होगा। आगे भी सभी देखेंगे।

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