
संगरूर/पटियाला/श्री फतेहगढ़ साहिब, 9 मई: बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सख्ती से निपटने और पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल सुरक्षित रखने के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चार दिवसीय ‘शुकराना यात्रा’ के दौरान मिले अपार प्रेम, स्नेह और समर्थन के लिए पंजाब के लोगों का दिल से धन्यवाद किया। 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई यह यात्रा आज पवित्र नगरी श्री फतेहगढ़ साहिब में संपन्न हुई।
गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में मत्था टेकने के बाद विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन धरती पंजाबियों को अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि यात्रा की शुरुआत तख्त श्री केसगढ़ साहिब से हुई थी। दूसरे दिन उन्होंने श्री दरबार साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब में मत्था टेका, तीसरे दिन तख्त श्री दमदमा साहिब और गुरुद्वारा मस्तुआणा साहिब पहुंचे तथा अंतिम दिन गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में अरदास कर यात्रा का समापन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान जनता द्वारा दिखाए गए प्रेम ने सरकार को और अधिक विनम्र, जवाबदेह और जनसेवा के प्रति समर्पित बनाया है। उन्होंने कहा कि ‘जागत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026’ लागू होने से पंजाबियों में खुशी की लहर है, क्योंकि इसमें बेअदबी के दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने लोगों से गांव-गांव जाकर इस कानून के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की और कहा कि इस घृणित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति से अब सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में ऐसा कानून बनाने की न तो इच्छा थी और न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति, जिसके कारण बेअदबी की घटनाएं बार-बार होती रहीं।
मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में पंजाब में नशे और माफिया तंत्र को संरक्षण मिला तथा बेअदबी के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलाई गईं। उन्होंने कहा कि पंजाबी इन घटनाओं को कभी नहीं भूलेंगे।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग अब भी इस कानून का विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेगी। यह कानून संत समाज, प्रमुख सिख विद्वानों, वरिष्ठ वकीलों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से सलाह-मशविरा कर तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शुकराना यात्रा’ का उद्देश्य केवल उस अकाल पुरख का धन्यवाद करना है, जिसने सरकार को यह ऐतिहासिक कानून बनाने की शक्ति दी। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के सिख इस कानून का स्वागत कर रहे हैं और इसे पंजाब की आध्यात्मिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब की धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता। उन्होंने कहा, “पंजाब में हर बीज उग सकता है, सिवाय नफरत के बीज के।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों लोगों की उपस्थिति और मिले समर्थन ने यह साबित कर दिया है कि पंजाब के लोग बेअदबी के खिलाफ बने इस कानून के साथ मजबूती से खड़े हैं और राज्य में शांति, भाईचारे तथा धार्मिक सम्मान को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।









