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राशा ठडानी को कुदरत से प्यार

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री राशा ठडानी ने वनों की कटाई के खिलाफ आवाज उठाई है। भारत, जैव विविधता से भरपूर देश है। यहां के घने जंगल असंख्य पक्षियों, जानवरों और पौधों की शरणस्थली हैं, लेकिन शहरीकरण और विकास के नाम पर इन अमूल्य प्राकृतिक संसाधनों का तेज़ी से विनाश हो रहा है। इस पर्यावरणीय संकट के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों में राशा ठडानी भी शामिल हैं, जो प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण की प्रबल समर्थक हैं। राशा ने भारत में जारी वनों की कटाई पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत जैव विविधता से समृद्ध देश है। घने जंगल, जो अनगिनत पक्षियों, जानवरों और पौधों का घर हैं। फिर भी, हम चुपचाप देखते हैं कि कैसे ये जंगल विकास के नाम पर खत्म किए जा रहे हैं।

हमारी वन्यजीवों को और कितनी तकलीफ सहनी पड़ेगी! राशा की यह चिंता हाल ही में हैदराबाद में हुए बड़े पैमाने पर वनों की कटाई के मद्देनजऱ और भी प्रासंगिक हो जाती है। वहां इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए हजारों पेड़ काटे गए हैं, जिससे न केवल जैव विविधता को नुकसान हुआ है, बल्कि बढ़ते तापमान और खराब होती हवा की गुणवत्ता ने भी लोगों को चिंता में डाल दिया है। राशा, जो प्रकृति से बेहद जुड़ी हुई हैं, हमेशा से पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को उजागर करती रही हैं। उनका मानना है कि जंगल सिर्फ वन्यजीवों के लिए नहीं, बल्कि इंसानों की भी ज़रूरत हैं। उन्होंने कहा,दुर्भाग्य से हम इंसान बहुत स्वार्थी हो गए हैं, सिर्फ अपने फायदे की सोचते हैं। लेकिन हमारी ही ज़िंदगी के लिए हमें इन जंगलों की ज़रूरत है।साफ हवा, साफ पानी और बेहतर भविष्य के लिए। हर पेड़ जो कटता है, हर जंगल जो खत्म होता है, हमें संकट के और करीब ले जाता है। राशा का कहना है कि विकास के लिए जंगल काटना एक विरोधाभासी बात है। यदि जीने के लिए हवा ही नहीं रहेगी, तो उस विकास का क्या फायदा।

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