एआई और क्लाउड आधारित टूल्स से रू-ब-रू करवाए छात्र

खालसा कालेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी रंजीत एवेन्यू में मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नीकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ के सहयोग से खोज के लिए एआई व क्लाउड आधारित टूल्स पर पांच दिवसीय शार्ट टर्म कोर्स (एसटीसी) करवाया गया। इस दौरान कालेज डायरेक्टर डा. मंजू बाला ने आधुनिक खोज में एआई व क्लाउड कम्प्यूटिंग की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक खोज करने के तरीके में क्रांति ला रही है। इस अवसर पर एनआईटीटीटीआर से सीएसई एसोसिएट्स प्रो. इंजी. शानो सोलंकी ने खोज के लिए एआई व क्लाउड आधारित टूल्स, गेफी व नोडएक्सएल का प्रयोग करते हुए नेटवर्क विजुअलाइजेशन के संक्षेप जानकारी व सूझवान सेशन दिए, जबकि अंबाला से मेगा रिसर्च एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज डा. गौरव कुमार ने उक्त टूल्स संबंधी शिक्षा, खोज, मल्टीमीडिया, ग्राफिक सामग्री सृजित करने, प्रोग्रामिंग, स्क्रिपटिंग के लिए एआई टूल्स व एआई तकनीक का प्रयोग करके डाटा साइंस व इंजीनियरिंग में सोशल मीडिया प्लेटफार्म की भूमिका पर प्रकाश डाला। इंटरनल आरईएसटीईएम के संस्थापक व मालिक डा. जागृति सैणी ने कुशल साहित्य समीक्षा के लिए एआई टूल्स पर विस्तार से जानकारी साझा की।
प्रो. डा. माला कालरा ने पावर बीआई टूल का प्रयोग करके डाटा विजुलाइजेशन पर सेशन किया, जबकि तनवीर सिंह (स्पोकन टयूटोरियल, आईआईटी बॉम्बे में प्रोजेक्ट मैनेजर) ने डिजीटल रचनात्मकता, सामग्री नवीनता, पेशेवर विकास के लिए एआई संबंधी बात की। श्रुति वधवा (डायरेक्टर हैस लाजिक इनफोसेक प्राइवेट लिमिटेड चंडीगढ़) ने ओवरलीफ एक अॅानलाइन लेटेक्स संपादक के साथ-साथ ऑनलाइन साहित्यिक चोरी चैकिंग टूल्स पर हस्त प्रशिक्षण प्रदान किया।








